द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Central Board of Secondary Education की 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नीट पेपर लीक विवाद के बाद अब CBSE के रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने गलत मूल्यांकन और मार्किंग में गड़बड़ी की शिकायतें उठाई हैं। इसके बाद कांग्रेस ने इस मामले को बड़ा मुद्दा बना दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया गया।
CBSE OSM System पर Rahul Gandhi का हमला
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि दशकों में पहली बार CBSE बोर्ड परीक्षा को लेकर इतने गंभीर सवाल उठे हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि करीब 18.5 लाख छात्रों ने परीक्षा दी, लेकिन OSM यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़ी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
हालांकि, राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि एक छात्र ने सोशल मीडिया पर अपनी कॉपी गलत जांचे जाने की शिकायत की थी। लेकिन मदद मिलने के बजाय उसे ट्रोल किया गया।
गलत मार्किंग और रिजल्ट पर उठे सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कई छात्रों को गलत अंक दिए गए हैं। वहीं मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है। दरअसल, CBSE ने हाल के वर्षों में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को बढ़ावा दिया है। इसके तहत ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया गया। इस प्रक्रिया में परीक्षक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कॉपियां जांचते हैं।
हालांकि, अब कुछ छात्रों और अभिभावकों का दावा है कि इस सिस्टम में तकनीकी खामियां हैं। सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने अपने अंक उम्मीद से कम आने की शिकायत की है।
Gen Z और युवाओं को लेकर Rahul Gandhi का बड़ा बयान
राहुल गांधी ने अपने बयान में Gen Z और युवाओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं से डरती है, क्योंकि अब छात्र सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने लिखा कि “जो सवाल पूछता है, उसे बदनाम किया जाता है।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना करने वालों को डराने और दबाने की कोशिश करती है।
हालांकि, बीजेपी की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।
जयराम रमेश ने भी सरकार को घेरा
Jairam Ramesh ने भी CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के कारण लाखों छात्रों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही।
वहीं विपक्ष लगातार NEET पेपर लीक और CBSE रिजल्ट विवाद को जोड़कर सरकार पर हमला कर रहा है। कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार विवाद सामने आए हैं। पहले NEET पेपर लीक को लेकर बड़ा विवाद हुआ। अब CBSE रिजल्ट और OSM सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था भविष्य की जरूरत है। लेकिन इसके साथ मजबूत तकनीकी निगरानी भी जरूरी है। फिलहाल CBSE Result Controversy राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। आने वाले दिनों में सरकार और CBSE की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

