द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नीट-यूजी पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में अभिजीत दीपके ने संगठन के समर्थकों और आंदोलन में शामिल लोगों से अपील की कि यदि किसी भी कार्यकर्ता को हिरासत में लिया जाता है, तब भी आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 35 दिनों से प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, ऐसे में गिरफ्तारी की आवश्यकता समझ से परे है।
दीपके ने कहा कि उनके अनुसार स्वतंत्र भारत के इतिहास में इतने लंबे समय तक लगातार शांतिपूर्ण ढंग से चलने वाले आंदोलनों के उदाहरण बहुत कम देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।
‘संविधान के रास्ते पर चल रहा है आंदोलन’, सरकार से पूछे सवाल
अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी टीम महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर संविधान के दायरे में रहकर आंदोलन कर रही है। उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया जा रहा है, तब संगठन के सदस्यों की संभावित गिरफ्तारी पर विचार किए जाने का कोई औचित्य नहीं है। दीपके ने दावा किया कि यदि सरकार इस तरह का कदम उठाती है, तो इसका विपरीत असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद आंदोलन और व्यापक हुआ। इसके बाद प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं पर कथित पुलिस कार्रवाई की घटनाओं ने भी आंदोलन को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि यदि संगठन के सदस्यों को हिरासत में लिया जाता है, तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने समर्थकों से स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून का उल्लंघन या हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई, समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील
अभिजीत दीपके ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि संगठन का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती। उनके अनुसार, जंतर-मंतर पर चल रहा धरना शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर जारी रहेगा।
उन्होंने समर्थकों से अपील की कि यदि संगठन के किसी भी सदस्य को हिरासत में लिया जाता है, तो आंदोलन को देशभर में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाए। दीपके ने कहा कि हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों का संगठन से कोई संबंध नहीं माना जाएगा। उन्होंने दोहराया कि CJP संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है तथा आंदोलन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।
फिलहाल, संभावित गिरफ्तारी को लेकर CJP की ओर से दावा किया गया है, लेकिन इस पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन की आगामी रणनीति पर बनी हुई है। वहीं, आंदोलन से जुड़े संगठन लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं।




