द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के नतीजों से ठीक पहले Congress ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया था। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सोमवार को उपचुनाव के नतीजे आने वाले हैं और दतिया सीट को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने यह कार्रवाई अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद की। पार्टी का मानना है कि चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता और संगठन विरोधी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
Congress उम्मीदवार घनश्याम सिंह की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह ने मतदान संपन्न होने के बाद 30 जुलाई को पार्टी नेतृत्व को विस्तृत लिखित शिकायत भेजी थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी उम्मीदवार का समर्थन करने के बजाय संगठन के खिलाफ काम किया, जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई।
शिकायत मिलने के बाद प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने पूरे मामले की समीक्षा की और उसके बाद राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने का आदेश जारी किया। जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया कि AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की स्वीकृति से राजेंद्र भारती को तत्काल प्रभाव से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मतदान के तुरंत बाद हुई यह कार्रवाई कांग्रेस का स्पष्ट संदेश है कि पार्टी अनुशासन के मामलों में कोई समझौता नहीं करेगी। साथ ही यह कदम चुनावी परिणाम से पहले संगठन को एकजुट रखने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।
सोमवार को आएंगे नतीजे, Congress-BJP दोनों ने झोंकी ताकत
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मतगणना सोमवार सुबह से शुरू होगी। इस सीट पर मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और बीजेपी के बीच माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रचार किया।
वहीं कांग्रेस ने 2023 में जीती गई सीट बचाने के लिए कुंवर घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा। उनके समर्थन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कई जनसभाएं और रोड शो किए। दरअसल, यह उपचुनाव उस समय जरूरी हो गया था जब दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने 2 अप्रैल को कोऑपरेटिव बैंक घोटाले के मामले में तत्कालीन विधायक राजेंद्र भारती को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत दोषसिद्धि के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके चलते दतिया सीट रिक्त हुई और उपचुनाव कराना पड़ा।
अब सभी की नजरें सोमवार को आने वाले चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि राजेंद्र भारती के खिलाफ की गई कांग्रेस की कार्रवाई का चुनावी नतीजों और भविष्य की प्रदेश राजनीति पर कितना असर पड़ता है।



