द लोकतंत्र/ मुंबई : ED Action (Enforcement Directorate) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने स्वयंभू धर्मगुरु अशोक कुमार एकनाथ खरात उर्फ ‘कैप्टन’ को गिरफ्तार किया है। दरअसल, आरोपी पर धार्मिक गतिविधियों की आड़ में कथित जबरन वसूली रैकेट चलाने का आरोप है। मामले की जांच के बाद ED ने 19 मई 2026 को गिरफ्तारी की। इसके बाद मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोपी को सात दिनों की हिरासत में भेज दिया। अदालत ने उसे 26 मई 2026 तक ED कस्टडी में रखने की अनुमति दी।
ED Action में करोड़ों की संपत्ति जब्त
जांच एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम यानी PMLA 2002 के तहत हुई। हालांकि, जांच केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। ED ने आरोपी और उसके सहयोगियों के कई ठिकानों पर लगातार छापेमारी भी की। एजेंसी ने 13 और 14 अप्रैल के अलावा 17 अप्रैल, 23 अप्रैल, 5 मई और 18 मई को भी तलाशी अभियान चलाया। इन छापों के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद हुए। इसके अलावा ED ने लगभग 13.92 करोड़ रुपये नकद जब्त किए। वहीं 5,500 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई।
Money Laundering Case में सोना और लग्जरी कार भी मिली
जांच के दौरान एजेंसी को बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण भी मिले। इनकी कीमत करीब 1.12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दरअसल, ED को संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़े कई रिकॉर्ड भी मिले हैं। इसके अलावा 2.25 करोड़ रुपये की बैंक राशि फ्रीज की गई है। वहीं एक महंगी Mercedes-Benz कार भी जब्त की गई है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है।
ED Action बोली – धार्मिक गतिविधियों की आड़ में वसूली का आरोप
ED के अनुसार आरोपी धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों से संपर्क बनाता था। हालांकि, जांच में कथित जबरन वसूली और अवैध लेनदेन के संकेत मिले हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितनी संपत्ति जुटाई। इसके अलावा यह भी जांच हो रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था। जांच एजेंसियां आरोपी के सहयोगियों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।
PMLA Investigation में डिजिटल रिकॉर्ड अहम
ED को छापेमारी के दौरान कई डिजिटल डिवाइस भी मिले हैं। दरअसल, इन रिकॉर्ड्स से वित्तीय लेनदेन की अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच अधिकारी बैंक खातों और प्रॉपर्टी निवेश का मिलान कर रहे हैं। वहीं एजेंसी यह भी देख रही है कि रकम कहां-कहां ट्रांसफर हुई।
इस कार्रवाई के बाद धार्मिक गतिविधियों की आड़ में चल रहे कथित आर्थिक नेटवर्क पर बहस तेज हो गई है। हालांकि, आरोपी की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं ED लगातार मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की वित्तीय परतें अभी खुलनी बाकी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

