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पेट्रोल-डीजल कीमतों पर Rahul Gandhi का हमला, बोले- ‘चुपके से जेब काट रही सरकार’

Rahul Gandhi Attacks Petrol-Diesel Prices: "The Government Is Secretly Picking Pockets"

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल कीमतों को लेकर सियासत तेज हो गई है। Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार धीरे-धीरे जनता की जेब पर बोझ डाल रही है।

दरअसल, हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद कांग्रेस ने महंगाई को बड़ा मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सरकार को “महंगाई मानव” बताया।

Petrol Diesel Price Hike पर Rahul Gandhi का हमला

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम किश्तों में बढ़ा रही है। उनके मुताबिक ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों को अचानक झटका महसूस न हो। हालांकि, उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों की जेब लगातार कट रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि वह लंबे समय से आर्थिक संकट की चेतावनी दे रहे थे। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव में व्यस्त रही और चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ा दी गईं। राहुल गांधी ने दावा किया कि पेट्रोल और डीजल करीब आठ रुपये महंगे किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि महंगाई का असर गरीब और मध्यम वर्ग पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव के दौरान वादे करती है, लेकिन बाद में जनता पर आर्थिक बोझ डालती है।

Rahul Gandhi के अलावा Mallikarjun Kharge ने भी साधा निशाना

Mallikarjun Kharge ने भी ईंधन कीमतों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल की ‘लूट’ लगातार जारी है। खरगे ने दावा किया कि दस दिनों में चौथी बार कीमतें बढ़ाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। दरअसल, कांग्रेस लगातार महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर दबाव बना रही है। ऐसे में ईंधन कीमतों का मुद्दा विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक हथियार बनता दिख रहा है।

Fuel Price Increase पर कांग्रेस का बड़ा दावा

कांग्रेस अध्यक्ष ने यूपीए और एनडीए सरकार के दौर की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि यूपीए शासन में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं। हालांकि, मौजूदा दौर में वैश्विक कीमतों में उतनी बड़ी वृद्धि नहीं हुई।

इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल महंगे हुए हैं। खरगे ने दावा किया कि 2014 में पेट्रोल की कीमत 71 रुपये प्रति लीटर थी। वहीं अब यह 100 रुपये के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा कांग्रेस ने तेल कंपनियों के शेयरों में उछाल का मुद्दा भी उठाया।

महंगाई और आम जनता पर बढ़ता दबाव

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ईंधन कीमतों का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। किसानों से लेकर छोटे कारोबारियों तक सभी प्रभावित होते हैं। दरअसल, पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन लागत बढ़ती है। वहीं इसका असर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखाई देता है। राहुल गांधी और खरगे दोनों ने कहा कि सरकार के पास महंगाई रोकने का ठोस रोडमैप नहीं दिख रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से अभी इस बयानबाजी पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Petrol Diesel Price Hike बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा

देश में महंगाई और ईंधन कीमतें लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई हैं। विपक्ष इसे जनता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रहा है। वहीं भाजपा सरकार आर्थिक मजबूती और वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देती रही है। हालांकि, बढ़ती कीमतों के बीच आम लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल कीमतों का मुद्दा राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकता है।

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Team The Loktantra

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