द लोकतंत्र/ कोलकाता : West Bengal की फाल्टा विधानसभा सीट अचानक चर्चा में आ गई है। यहां टीएमसी की मजबूत पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है।दरअसल, बाहुबली छवि वाले नेता Jahangir Khan के चुनाव छोड़ने के बाद माहौल बदल गया। इलाके में अब दूसरे दलों की सक्रियता बढ़ गई है।
Jahangir Khan के सीट पर बदला चुनावी माहौल
फाल्टा सीट लंबे समय से All India Trinamool Congress का गढ़ मानी जाती रही है। यह इलाका डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आता है। वहीं इस क्षेत्र से Abhishek Banerjee सांसद हैं। इलाके में जहांगीर खान का प्रभाव काफी मजबूत माना जाता था। हालांकि, चुनाव से हटने के बाद हालात तेजी से बदल गए। अब इलाके में टीएमसी के झंडे कम दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ दिनों पहले तक पूरे क्षेत्र में टीएमसी कार्यकर्ता सक्रिय थे। लेकिन अब माहौल बदला नजर आ रहा है।
Jahangir Khan के हटने से बढ़ी मुश्किल
Jahangir Khan को अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है। साल 2024 लोकसभा चुनाव में टीएमसी को यहां भारी समर्थन मिला था। दरअसल, पार्टी को इस क्षेत्र में 89 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले थे। लेकिन खान के हटने के बाद समीकरण बदलते दिखे। इसके अलावा टीएमसी ने इस फैसले को उनका निजी निर्णय बताया। वहीं पार्टी ने सार्वजनिक दूरी भी बना ली। स्थानीय लोगों के मुताबिक, खान चुनाव छोड़ने के बाद इलाके में नहीं दिखे। बताया गया कि वह पुनर्मतदान में भी नजर नहीं आए।
फाल्टा पुनर्मतदान में भारी वोटिंग
गुरुवार को फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान कराया गया। इस दौरान 86 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज हुआ। हालांकि, मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती रही। दरअसल, 29 अप्रैल मतदान के दौरान कई शिकायतें सामने आई थीं। ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप भी लगे थे। इसके बाद Election Commission of India ने पुनर्मतदान का फैसला लिया था।
जहांगीर खान के हटने के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अब मुख्य लड़ाई भाजपा और लेफ्ट के बीच मानी जा रही है। Bharatiya Janata Party की तरफ से देबांग्शु पांडा मैदान में हैं। वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने शंभूनाथ कुर्मी को उतारा है। इसके अलावा कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला भी चुनावी मैदान में मौजूद हैं।
ममता बनर्जी के लिए बढ़ी चुनौती
हाल के चुनावों में Mamata Banerjee को झटके लगे हैं। भवानीपुर सीट पर भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वहीं 2021 में नंदीग्राम सीट पर भी उन्हें हार मिली थी। उस चुनाव में Suvendu Adhikari ने उन्हें हराया था। फाल्टा सीट के बदले हालात अब बंगाल की राजनीति में नए संकेत दे रहे हैं। हालांकि अंतिम तस्वीर नतीजों के बाद ही साफ होगी।

