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मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में BJP की बड़ी जीत, तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, Meenakshi Natarajan का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

BJP scores a major victory in Madhya Pradesh Rajya Sabha elections; all three candidates elected unopposed.

द लोकतंत्र/ भोपाल : मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाला चुनाव बिना मतदान के ही समाप्त हो गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। रिटर्निंग ऑफिसर ने गुरुवार को तीनों नेताओं को जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया। कांग्रेस उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन रद्द होने के बाद चुनावी मुकाबला खत्म हो गया और राज्यसभा की तीनों सीटों पर केवल तीन उम्मीदवार ही मैदान में बचे थे। ऐसे में निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित किया गया।

दरअसल, राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून को प्रस्तावित था, जबकि 11 जून नामांकन वापसी की अंतिम तिथि थी। अंतिम दिन तक कोई अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में नहीं रहा, जिसके चलते चुनाव कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। भाजपा ने इस परिणाम को संगठन की मजबूती और राजनीतिक समर्थन का संकेत बताया है, जबकि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही है।

Meenakshi Natarajan का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, आज होगी अहम सुनवाई

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को चुनौती देते हुए इसे अनुचित और कानून के खिलाफ बताया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार, 12 जून को सुनवाई करेगा। कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि न्यायालय से उन्हें राहत मिल सकती है।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अब अंतिम उम्मीद सुप्रीम कोर्ट से ही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय तथ्यों के आधार पर उचित फैसला करेगा। सुनवाई के दौरान मीनाक्षी नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। उन्होंने दलील दी कि यदि समय रहते सुनवाई नहीं हुई तो उम्मीदवार को अगले छह वर्षों तक अवसर नहीं मिल पाएगा।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए मामले की नियमित सुनवाई 12 जून के लिए निर्धारित कर दी। फिलहाल अदालत ने चुनाव परिणामों पर कोई रोक नहीं लगाई है।

Meenakshi Natarajan के नामांकन रद्द होने के पीछे क्या है विवाद?

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद रद्द किया गया था। आरोप है कि उन्होंने अपने नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए हलफनामे में तेलंगाना में लंबित एक कानूनी मामले का उल्लेख नहीं किया। इसी आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया।

हालांकि कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि यह एक राजनीतिक साजिश है और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह विवाद खड़ा किया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को पक्षपातपूर्ण, मनमाना और कानून के विरुद्ध बताया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव का यह मामला केवल एक निर्वाचन विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह आने वाले समय में चुनावी प्रक्रियाओं और नामांकन नियमों को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल भी बन सकता है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हुई है, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।

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