द लोकतंत्र/ गोरखपुर/ नूतन मिश्रा : गोरखपुर के राप्ती-गोर्रा दोआब क्षेत्र में हिंदी साहित्य का एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। Ramdarash Mishra न्यास, भारतीय हिन्दी प्राध्यापक परिषद और अखिल भाग्य महाविद्यालय, रानापार के संयुक्त तत्वावधान में 14 अगस्त 2026 को पद्मश्री साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र की 103वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं ‘रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान-2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, आलोचक, शिक्षाविद और शोधकर्ता भाग लेंगे।
यह आयोजन दोआब क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। इससे पहले वर्ष 2003 में स्वावलंबी इंटर कॉलेज, बिशुनपुरा में पद्मभूषण पंडित विद्यानिवास मिश्र के सम्मान में भव्य साहित्यिक समारोह आयोजित हुआ था। अब लगभग दो दशक बाद यह क्षेत्र एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। विशेष बात यह है कि 15 अगस्त को डॉ. रामदरश मिश्र के पैतृक गांव डुमरी मिश्र तथा उनके प्रारंभिक विद्यालय प्राथमिक विद्यालय बिशुनपुरा में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में जुटेंगे देशभर के साहित्यकार, मिलेगा शताब्दी सृजन सम्मान
राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘रामदरश मिश्र के साहित्य में जल, जवार और जीवन’ रखा गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा, जिसकी अध्यक्षता देश के वरिष्ठ कवि, निबंधकार एवं पद्मश्री सम्मानित प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कथाकार एवं आलोचक प्रो. रामदेव शुक्ल उपस्थित रहेंगे।

विशिष्ट अतिथियों में प्रो. चित्तरंजन मिश्र, डॉ. वेदप्रकाश पाण्डेय, डॉ. ओमनिश्चल तथा प्रो. संजीव कुमार दुबे शामिल होंगे। स्वागत वक्तव्य डॉ. रामदरश मिश्र की सुपुत्री एवं साहित्यकार प्रो. स्मिता मिश्र देंगी, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुधीर कुमार राय करेंगे। प्रथम सत्र का संचालन प्रो. गौरव तिवारी करेंगे। इस अवसर पर ‘रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान-2026’ भी प्रदान किया जाएगा। हिंदी कविता के क्षेत्र में उत्कर्ष अग्निहोत्री तथा हिंदी आलोचना के क्षेत्र में कृष्णबिहारी पाठक को इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
‘जल, जवार और जीवन’ विषय पर होंगे दो अकादमिक सत्र
कार्यक्रम के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण अकादमिक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। पहला सत्र दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक होगा, जिसकी अध्यक्षता भाषाविद प्रो. रामदरश राय करेंगे। इसमें डॉ. वेदमित्र शुक्ल, डॉ. अलका सिन्हा, प्रो. जसवीर त्यागी, डॉ. मनोज कुमार सिन्हा और शशिबिन्दु नारायण मिश्र अपने शोधपत्र और विचार प्रस्तुत करेंगे। इस सत्र का संचालन डॉ. अखिल मिश्र करेंगे।
दूसरा अकादमिक सत्र दोपहर 2:15 बजे से 3:30 बजे तक आयोजित होगा। इसकी अध्यक्षता गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार राय करेंगे। इस सत्र में हरिशंकर राढ़ी, डॉ. विमलेश कुमार मिश्र, डॉ. दीपक प्रकाश त्यागी, डॉ. प्रत्यूष दुबे तथा केशव मोहन पाण्डेय वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रागिनी राय करेंगी।
रामदरश मिश्र न्यास की सचिव डॉ. स्मिता मिश्र ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल महान साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र को श्रद्धांजलि देना ही नहीं, बल्कि उनके साहित्य में निहित ग्रामीण जीवन, प्रकृति, जल, संस्कृति और मानवीय मूल्यों पर गंभीर विमर्श को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। राष्ट्रीय स्तर की यह संगोष्ठी हिंदी साहित्य के शोधार्थियों, शिक्षकों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी।




