द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच संवाद की नई पहल देखने को मिली है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लगातार दूसरे दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi से मुलाकात कर सदन में जारी गतिरोध समाप्त करने पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने, महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन (डिलिमिटेशन) जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने सरकार से कहा है कि वह इस संबंध में इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दलों से चर्चा करने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।
संसद के मौजूदा मानसून सत्र में विपक्ष लगातार कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रहा है। अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। ऐसे में सरकार गतिरोध खत्म करने के लिए विपक्ष से संवाद बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
Rahul Gandhi से बातचीत पर क्या बोले किरेन रिजिजू?
सूत्रों के मुताबिक सरकार के पास कई विधेयकों को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है, लेकिन कांग्रेस देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के कारण सरकार उसे भी विश्वास में लेना चाहती है। इसी उद्देश्य से किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से मुलाकात कर संसद की कार्यवाही सामान्य बनाने पर चर्चा की।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी राहुल गांधी से सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों के साथ संवाद बनाए रखना चाहती है, क्योंकि लोकतंत्र में राजनीतिक दल विरोधी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं। उन्होंने कहा कि संसद का संचालन देशहित में होना चाहिए और सभी दलों की जिम्मेदारी है कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने दें।
रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संसद में नियमित रूप से मौजूद रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष जिन मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहा है, उन पर पहले ही चर्चा हो चुकी है, लेकिन विपक्ष रोज नए तरीके से कार्यवाही बाधित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हंगामे की वजह से नए सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
विपक्ष का सरकार पर पलटवार, हंगामे के बीच कई विधेयक पारित
दूसरी ओर कांग्रेस ने सरकार पर संसद को लेकर भ्रम फैलाने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष हर विषय पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को भी अपनी जवाबदेही निभानी चाहिए और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। बुधवार को भी लोकसभा में अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही पहले स्थगित की गई और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
हालांकि, विपक्ष के विरोध के बीच ही सरकार ने ‘कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026’ को चर्चा के बिना ध्वनिमत से पारित करा लिया। गौरतलब है कि मानसून सत्र की शुरुआत से अब तक लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल नियमित रूप से नहीं चल पाए हैं, क्योंकि लगभग हर दिन विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही बाधित होती रही है। संसद के शेष दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच संवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राहुल गांधी और किरेन रिजिजू की बातचीत के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य हो पाती है या राजनीतिक टकराव आगे भी जारी रहता है।




