द लोकतंत्र/ मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने देश के चर्चित चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor को अपने साथ जोड़ने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर अब पार्टी के नए राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर काम करेंगे और आने वाले चुनावों के लिए रणनीति तैयार करेंगे।
बताया जा रहा है कि सोमवार, 19 मई को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष Sunetra Pawar, सांसद Parth Pawar और प्रशांत किशोर के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसी बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया कि आगामी राजनीतिक और चुनावी रणनीतियों की जिम्मेदारी अब प्रशांत किशोर और उनकी टीम संभालेगी।
1 जून से शुरू हो सकता है काम
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, अगले दो दिनों में इस फैसले से जुड़ी कानूनी और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद 1 जून से प्रशांत किशोर की टीम आधिकारिक रूप से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए काम शुरू कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2029 के चुनावों को देखते हुए अजित पवार गुट अभी से संगठन और जनाधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर की एंट्री पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है।
चुनावी रणनीति के ‘चाणक्य’ माने जाते हैं प्रशांत किशोर
भारतीय राजनीति में प्रशांत किशोर को चुनावी रणनीति का ‘चाणक्य’ कहा जाता है। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री Narendra Modi के चुनाव अभियान को सफल बनाने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। इसके बाद उन्होंने Nitish Kumar, Mamata Banerjee, Y. S. Jagan Mohan Reddy और Aam Aadmi Party समेत कई दलों के लिए चुनावी रणनीतियां तैयार कीं।
प्रशांत किशोर ‘जन सुराज’ अभियान और Jan Suraaj Party के संस्थापक भी हैं। राजनीति में आने से पहले वह संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में भी काम कर चुके हैं।
Design Box के बाद अब नई रणनीति
इससे पहले Design Box की टीम अजित पवार गुट के लिए राजनीतिक कैंपेन संभाल रही थी। Design Box के प्रमुख Naresh Arora ने पार्टी की ब्रांडिंग और चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ‘लाडकी बहिण योजना’ के दौरान अजित पवार की ‘गुलाबी जैकेट’ और ‘गुलाबी कैंपेन’ काफी चर्चा में रहा था। यह रणनीति भी नरेश अरोड़ा और उनकी टीम की ही मानी जाती है। विधानसभा चुनाव में अजित पवार गुट को मिली सफलता के पीछे भी इस कैंपेन को अहम माना गया था।
हालांकि अब पार्टी नई राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए प्रशांत किशोर के अनुभव का लाभ लेना चाहती है।
2029 की तैयारी अभी से शुरू
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद अजित पवार गुट अब लंबे समय की रणनीति पर काम कर रहा है। आने वाले तीन साल पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
ऐसे में प्रशांत किशोर की एंट्री को सिर्फ एक चुनावी नियुक्ति नहीं, बल्कि पार्टी के बड़े राजनीतिक पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि महाराष्ट्र की राजनीति में ‘पीके फैक्टर’ अजित पवार गुट को कितना फायदा पहुंचा पाता है।

