द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के लिए पहचाने जाने वाले सोनम वांगचुक का अनशन लगातार जारी है। गुरुवार को उनके अनशन का 19वां दिन पूरा हुआ। इस दौरान उनका वजन 9 किलो से अधिक कम होने की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कांग्रेस नेता Sandeep Dikshit ने उनकी भूख हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने वांगचुक की उठाई गई मांगों का समर्थन भी किया, लेकिन उनके आंदोलन के दायरे और चयनात्मक मुद्दों पर सवाल भी खड़े किए।
संदीप दीक्षित ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने से पहले गंभीरता से विचार करना चाहिए, खासकर तब जब सरकार संवाद के प्रति संवेदनशील न हो। उन्होंने कहा कि अनशन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए वांगचुक को आंदोलन का दूसरा रास्ता अपनाने पर भी विचार करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि जिन मुद्दों को लेकर सोनम वांगचुक आवाज उठा रहे हैं, उन पर कांग्रेस पहले से ही अपनी बात रखती रही है। उनके अनुसार लोकतंत्र, शिक्षा और जनहित के सवाल केवल एक विषय तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि सभी मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
Sandeep Dikshit ने उठाए चयनात्मक विरोध के सवाल, कई राष्ट्रीय मुद्दों का किया जिक्र
मीडिया से बातचीत के दौरान संदीप दीक्षित ने कहा कि सोनम वांगचुक ने शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं, लेकिन उन्होंने सवाल किया कि क्या यही मूल्य अन्य राष्ट्रीय विषयों पर भी समान रूप से लागू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया और राज्य का दर्जा बदलकर केंद्र शासित प्रदेश किया गया, तब वांगचुक की ओर से वैसी सार्वजनिक प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। इसी तरह उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल, जांच एजेंसियों के इस्तेमाल और विरोध की आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जैसे विषयों का भी उल्लेख किया।
दीक्षित ने कहा कि यदि लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की बात की जा रही है, तो इन मूल्यों की रक्षा हर मुद्दे पर समान रूप से होनी चाहिए। उनका कहना था कि किसी एक विषय पर मुखर होना और अन्य विषयों पर चुप रहना कई सवाल खड़े करते है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य वांगचुक की आलोचना करना नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श को व्यापक बनाने की आवश्यकता पर जोर देना है।
‘मुद्दों का समर्थन है, लेकिन आंदोलन व्यापक होना चाहिए’ – Sandeep Dikshit
संदीप दीक्षित ने कहा कि सोनम वांगचुक जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, वे महत्वपूर्ण हैं और कांग्रेस भी लंबे समय से इन विषयों पर अपनी आवाज उठाती रही है। उन्होंने कहा कि यदि यही मुद्दे कोई अन्य संगठन या राजनीतिक दल उठाता है, तो उनके प्रति भी समान समर्थन का रवैया होना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों की विश्वसनीयता तब और मजबूत होती है, जब वे सभी जनहित के मुद्दों पर समान रूप से सक्रिय दिखाई दें।
कांग्रेस नेता ने अंत में सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनका उद्देश्य लोकतंत्र, शिक्षा और जनहित के लिए संघर्ष करना है, तो यह संघर्ष केवल भूख हड़ताल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यापक जनजागरण और सामाजिक संवाद के माध्यम से भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस बीच जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का आंदोलन जारी है और उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। उनकी मांगों और आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।




