द लोकतंत्र/राष्ट्रीय न्यूज़: Naxal-Mukt Bharat इस साल National Unity Day Parade का प्रमुख आकर्षण रहेगा। 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाली Rashtriya Ekta Diwas समारोह में देश के उन सुरक्षा बलों की उपलब्धियों को सामने रखा जाएगा, जिन्होंने लंबे समय तक Left-Wing Extremism और सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाली इस परेड में Central Armed Police Forces (CAPFs), State Police Forces और Central Police Organisations की टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। इस बार कार्यक्रम का मुख्य संदेश नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा से शांति, सुरक्षा और विकास की ओर हुए बदलाव को दिखाना है।
CoBRA और CRPF के ऑपरेशन की दिखेगी झलक
परेड में CRPF की विशेष कमांडो यूनिट CoBRA (Commando Battalion for Resolute Action) को खास तौर पर प्रदर्शित किया जाएगा। यह बल जंगल और कठिन इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित है। इसके साथ CRPF और उन राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियां भी शामिल होंगी, जिन्होंने प्रभावित इलाकों में सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
परेड के दौरान संबंधित सुरक्षा बलों की टुकड़ियां जब प्रधानमंत्री के सामने से गुजरेंगी, तब कई LED स्क्रीन पर उनके अभियानों और उपलब्धियों से जुड़ी छोटी फिल्में दिखाई जाएंगी। इसका उद्देश्य केवल जवानों की परेड प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों के परिणामों को भी लोगों तक पहुंचाना है।
छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित राज्यों की विशेष भूमिका
इस साल की Ekta Parade में उन State Police Forces और CAPFs को विशेष स्थान दिया गया है, जो देश में armed Naxalism के खिलाफ अभियान की अग्रिम पंक्ति में रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ पुलिस जैसी राज्य पुलिस इकाइयों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की टुकड़ियां शामिल होंगी।
सरकार के अनुसार परेड का उद्देश्य सुरक्षा बलों के अनुशासन, पेशेवर क्षमता, साहस और समर्पण को सामने लाना है। कार्यक्रम में यह भी दिखाया जाएगा कि जिन क्षेत्रों में कभी सशस्त्र नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में बदलाव आया है।
126 जिलों के 2,000 कलाकार पेश करेंगे ‘Naxal-Mukt Bharat’
National School of Drama (NSD) इस अवसर पर ‘Naxal Mukt Bharat’ विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति देगा। इसमें करीब 2,000 कलाकार देश के 126 ऐसे जिलों से शामिल होंगे, जहां किसी समय सशस्त्र नक्सलवाद का प्रभाव रहा है। कलाकार अपनी प्रस्तुति के जरिए इन क्षेत्रों के लोगों के संघर्ष, हिंसा के दौर में सामने आई चुनौतियों और बाद में शांति एवं विकास की ओर बढ़े बदलाव को दिखाएंगे।
इसके अलावा इन 126 जिलों से करीब 5,000 लोगों को दर्शक के तौर पर आमंत्रित किया गया है। इन लोगों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलेगा। इस तरह कार्यक्रम में सुरक्षा बलों की भूमिका के साथ उन आम नागरिकों की कहानी भी सामने आएगी, जिन्होंने नक्सलवाद के प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से देखा है।
Vande Mataram होगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की थीम
इस वर्ष Rashtriya Ekta Diwas समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और tableaux की मुख्य थीम ‘Vande Mataram’ रखी गई है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह वर्ष Vande Mataram की 150वीं वर्षगांठ से जुड़ा है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में देश की विविधता, लोगों की आकांक्षाओं और विकास की यात्रा को दिखाया जाएगा।
करीब 5,000 कलाकार देश की अलग-अलग शास्त्रीय और लोक परंपराओं, संगीत, नृत्य और कला का प्रदर्शन करेंगे। इस बार एक और बदलाव किया गया है-गर्मी को देखते हुए परेड और प्रमुख प्रस्तुतियां शाम के समय आयोजित की जाएंगी।
31 अक्टूबर का यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। समारोह का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ सुरक्षा बलों की भूमिका और देश के विभिन्न हिस्सों में हुए बदलाव को लोगों के सामने रखना है।
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