द लोकतंत्र/लखनऊ: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध तेज करते हुए Azad Samaj Party (kashiram) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को लखनऊ में राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव किया। प्रदेश सचिव और लखनऊ कैंट विधानसभा प्रभारी अनिकेत धानुक के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, मताधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए।
स्टेशन रोड स्थित राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में Azad Samaj Party (kashiram) के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में घुस गये। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय का किया घेराव
Azad Samaj Party (kashiram) के कार्यकर्ता शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचे और परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवालों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक, भेजा गया इको गार्डन
प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बढ़ती गहमागहमी के बीच पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे Azad Samaj Party (kashiram) के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं को इको गार्डन भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की सटीक संख्या और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के आसपास प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस की तैनाती भी बढ़ाई गई, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
क्यों महत्वपूर्ण है Azad Samaj Party (kashiram) यह प्रदर्शन?
राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर हुआ यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है, जब ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विरोध लगातार सामने आ रहा है। Azad Samaj Party (kashiram) ने भी अब इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठने वाले सवालों का जवाब दिया जाना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र, मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा की मांग की।
लखनऊ में बढ़ी राजनीतिक हलचल
राजधानी लखनऊ में राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। Azad Samaj Party (kashiram) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक तथा बाद में हुई हिरासत इस पूरे घटनाक्रम का प्रमुख हिस्सा रही। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद आयोग कार्यालय के आसपास स्थिति को सामान्य बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
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