द लोकतंत्र/ पटना : Bihar MLC Election 2026 भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मंगलवार (28 अप्रैल, 2026) को बिहार और महाराष्ट्र में होने वाले विधान परिषद उपचुनाव और द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। बीजेपी ने बिहार विधान परिषद उपचुनाव के लिए सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि महाराष्ट्र में उपचुनाव के लिए Dr. Pragya Rajeev Satav को मैदान में उतारा गया है। बिहार में बीजेपी के इस फैसले को राजनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस सीट के लिए पहले कई अन्य नामों की चर्चा चल रही थी।
बिहार में यह सीट Mangal Pandey के इस्तीफे/स्थानांतरण के बाद खाली हुई थी। माना जा रहा था कि इस सीट पर Upendra Kushwaha के बेटे दीपक प्रकाश को मौका दिया जाएगा, लेकिन बीजेपी ने अचानक सूर्य कुमार शर्मा के नाम का ऐलान कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए। ऐसे में इसे उपेंद्र कुशवाहा खेमे के लिए झटका माना जा रहा है।
कौन हैं सूर्य कुमार शर्मा, जिन पर बीजेपी ने खेला दांव?
Surya Kumar Sharma फिलहाल बिहार बीजेपी मुख्यालय के प्रभारी हैं और करीब 40 वर्षों से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे लंबे समय से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं और संगठनात्मक कार्यों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। सूर्य कुमार शर्मा ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin के पिता नवीन सिन्हा के साथ भी काम किया है। यही नहीं, वे नितिन नवीन के बेहद भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं।
सूर्य कुमार शर्मा भूमिहार समाज से आते हैं और बिहार के अरवल जिले के रहने वाले हैं। जातीय समीकरणों के लिहाज से भी उनका नाम बीजेपी के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। बिहार की राजनीति में भूमिहार वोट बैंक का प्रभाव हमेशा महत्वपूर्ण रहा है।
आरएसएस से लेकर बीजेपी संगठन तक मजबूत पकड़
Surya Kumar Sharma ने लंबे समय तक Rashtriya Swayamsevak Sangh में भी काम किया है। आरएसएस और बीजेपी संगठन में उनकी गहरी पैठ है। बिहार बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके अच्छे संबंध हैं और संगठनात्मक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। यही वजह है कि पार्टी ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं को सम्मान देने वाली पार्टी है।
वहीं महाराष्ट्र में भी विधान परिषद सीट पर बीजेपी ने डॉ. प्रज्ञा राजीव सातव को उम्मीदवार बनाकर स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी ऊपरी सदन में अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है। बिहार और महाराष्ट्र दोनों राज्यों में होने वाले ये विधान परिषद चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इनके नतीजे न केवल विधान परिषद में बीजेपी की ताकत तय करेंगे, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति पर भी असर डाल सकते हैं।

