द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Commonwealth Games 2026 का समापन भारत के लिए कई यादगार और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ हुआ। भारतीय दल ने इस बार कुल 39 पदक जीतकर अपने अभियान का समापन किया। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि भारत इस बार 50 पदकों का आंकड़ा पार नहीं कर सका, लेकिन कई भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया और भविष्य के लिए उम्मीदें भी बढ़ा दीं।
विशेष रूप से बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। बॉक्सरों ने रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण सहित कुल 10 पदक अपने नाम किए, जबकि एथलेटिक्स में भारत ने सबसे अधिक 16 पदक जीतकर अपनी ताकत का परिचय दिया। इस बार कई प्रमुख खेलों को प्रतियोगिता से बाहर रखा गया था, जिसके कारण पदकों की कुल संख्या भी स्वाभाविक रूप से कम रही।
Commonwealth Games 2026: मीराबाई चानू, अस्मिता डे और भारतीय बॉक्सरों ने रचा इतिहास
भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पहला पदक पैरा पावरलिफ्टिंग में आया, जहां झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय अभियान की शुरुआत की। इसके बाद मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार तीसरा स्वर्ण पदक रहा, जो भारतीय खेल इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया। वहीं अस्मिता डे ने जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं।
बॉक्सिंग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। युवा मुक्केबाज जादूमणि सिंह ने रजत पदक जीतकर भले ही गोल्ड से चूक गए, लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह संकेत दे दिया कि भारतीय बॉक्सिंग का भविष्य बेहद मजबूत है। कुल मिलाकर भारतीय बॉक्सरों ने 7 स्वर्ण और 3 रजत सहित 10 पदक जीतकर सबसे सफल अभियान दर्ज किया।
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा पदक, लेकिन कई खेल बाहर होने से घटा कुल आंकड़ा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने सबसे अधिक 16 पदक एथलेटिक्स में जीते। इनमें 3 स्वर्ण, 7 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल रहे। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1 अगस्त को अकेले 16 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड कायम किया।
हालांकि कुल पदकों की संख्या पिछले संस्करणों की तुलना में कम रही। इसका सबसे बड़ा कारण यह रहा कि इस बार क्रिकेट, कुश्ती (रेसलिंग), हॉकी समेत कई प्रमुख खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे। मूल रूप से इन खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया शहर में होनी थी, लेकिन बढ़ती लागत के कारण आयोजन रद्द कर दिया गया। बाद में ग्लासगो ने कम समय में मेजबानी संभाली, जिसके चलते कई खेलों को कार्यक्रम से हटाना पड़ा।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पदक प्रदर्शन
- एथलेटिक्स – 16 पदक (3 गोल्ड, 7 सिल्वर, 6 ब्रॉन्ज)
- बॉक्सिंग – 10 पदक (7 गोल्ड, 3 सिल्वर)
- वेटलिफ्टिंग – 8 पदक (1 गोल्ड, 6 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज)
- जूडो – 4 पदक (2 गोल्ड, 1 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज)
- पैरा पावरलिफ्टिंग – 1 पदक (1 ब्रॉन्ज)
भले ही भारत इस बार 50 पदकों का आंकड़ा नहीं छू सका, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय खेलों का भविष्य उज्ज्वल है। नए खिलाड़ियों का उभरना, कई ऐतिहासिक उपलब्धियां और कठिन परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन इस कॉमनवेल्थ गेम्स को भारतीय खेल इतिहास के यादगार अध्यायों में शामिल करता है।




