द लोकतंत्र/ रायपुर : Chhattisgarh Budget 2026 छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,72,000 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया है। विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट प्रस्तुत करते हुए इसे विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम बताया। बजट में खास तौर पर युवाओं, किसानों और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ रोजगार सृजन की नई संभावनाएं खोलेगा।
राज्य में बेरोजगारी की चुनौती से निपटने के लिए बस्तर क्षेत्र में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। इसके तहत राइस मिल, पोल्ट्री फार्म, एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग और अन्य कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या में कमी आएगी।
औद्योगिक विस्तार और कृषि क्षेत्र पर फोकस
बजट में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए 750 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से निजी निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।
पर्यटन क्षेत्र को भी इस बजट में महत्व दिया गया है। मैनपाट और जशपुर के कोतेबेरा में पर्यटन विकास के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इनमें से 5 करोड़ रुपये विशेष रूप से मैनपाट के विकास कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की योजना है।
कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए ‘कृषक उन्नति योजना’ की घोषणा की गई है, जिसके तहत 10,000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को लाभकारी बनाना है। इसके अलावा, बस्तर और सरगुजा में पशुपालन गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
युवाओं को सीधे रोजगार देने के उद्देश्य से 1500 बस्तर फाइटर्स की भर्ती की घोषणा भी की गई है। यह कदम सुरक्षा और रोजगार दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रायपुर में नई खाद लैब की स्थापना की घोषणा भी की गई है, जिससे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता जांच को मजबूती मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह बजट समावेशी विकास, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

