द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के Jagdalpur में मंगलवार को मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की 26वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने की।
इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य सिर्फ राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाना नहीं था, बल्कि उन मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करना भी था जो सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़े हैं।
कुपोषण और स्कूल ड्रॉपआउट पर विशेष फोकस
बैठक में बच्चों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। खासतौर पर कुपोषण खत्म करने और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि देश की मजबूत नींव तभी तैयार होगी जब बच्चों को बेहतर पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। कई राज्यों में अब भी ऐसे क्षेत्र हैं जहां बच्चों में कुपोषण की समस्या गंभीर बनी हुई है, जबकि आर्थिक और सामाजिक कारणों से कई बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।
राज्यों के बीच ऐसे मॉडल साझा करने पर भी चर्चा हुई जिनके जरिए बच्चों को स्कूलों से जोड़े रखा जा सके और सरकारी पोषण योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सके।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध पर चिंता
बैठक में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। खासकर यौन अपराधों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने और जांच प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि राज्यों के बीच बेहतर डेटा शेयरिंग, आधुनिक तकनीक और मजबूत कानूनी समन्वय के जरिए ऐसे मामलों में कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि तेज जांच और समय पर न्याय से अपराधियों में डर पैदा होगा और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
साइबर अपराध से निपटने की तैयारी
डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल ठगी और सोशल मीडिया से जुड़े अपराध आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इसी को देखते हुए बैठक में साइबर हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
राज्यों में बेहतर साइबर रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित करने और लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कई सुझाव सामने आए। सरकारें अब साइबर सुरक्षा को कानून-व्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक मान रही हैं।
योगी आदित्यनाथ ने साझा की जानकारी
बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जनकल्याण, सुशासन और क्षेत्रीय विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि यह मंच राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वित विकास को नई दिशा देगा और प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित भारत’ विजन को मजबूत करेगा।
क्या है मध्य क्षेत्रीय परिषद का उद्देश्य?
मध्य क्षेत्रीय परिषद जैसी बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच सहयोग और संवाद को मजबूत करना होता है। इन बैठकों में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और प्रशासन जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब अलग-अलग राज्य एक मंच पर बैठकर समस्याओं और समाधानों पर चर्चा करते हैं, तो योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना ज्यादा प्रभावी हो जाता है। यही वजह है कि ऐसी बैठकों को सहकारी संघवाद यानी “कोऑपरेटिव फेडरलिज्म” का मजबूत उदाहरण माना जाता है।

