द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर दिए गए बयान के बाद देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। अब इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष और विधायक Abu Azmi ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। अबू आजमी ने कहा कि यह कोई बहस का मुद्दा नहीं है और देश में हिंदू-मुस्लिम राजनीति कर लोगों को पोलराइज करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति देश के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
‘महंगाई और बेरोजगारी छोड़ मंदिर-मस्जिद की राजनीति’
मीडिया से बातचीत में अबू आजमी ने कहा कि देश इस समय महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय धार्मिक बहसों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, आज हालात बेहद खराब हैं। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लोगों के पास रोजगार नहीं है, पेट्रोल-डीजल बचाने की बातें हो रही हैं। ऐसे समय में कहा जा रहा है कि सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे। जो चीजें वर्षों से चली आ रही हैं, देश उसी तरह चलता है।
‘दुनिया AI तक पहुंच गई और यहां मंदिर-मस्जिद की बहस’
सपा नेता ने कहा कि दुनिया तेजी से तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है, जबकि भारत में अब भी मंदिर-मस्जिद और धार्मिक मुद्दों पर राजनीति हो रही है। उन्होंने कहा, दुनिया कहां से कहां पहुंच गई है। AI का दौर आ गया है और यहां लोग अभी भी मंदिर-मस्जिद के पीछे पड़े हैं। हमारा संविधान इतना मजबूत है कि यहां हर धर्म के लोग साथ रहकर देश के लिए जान तक दे सकते हैं।
बकरीद से पहले बैठकों को लेकर भी उठाए सवाल
अबू आजमी ने महाराष्ट्र में बकरीद को लेकर आयोजित प्रशासनिक बैठकों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हर साल त्योहार से पहले मुख्यमंत्री, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक होती है, लेकिन इस बार बैठक काफी संक्षिप्त रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि गौ रक्षा के नाम पर कुछ संगठन लोगों को परेशान करते हैं। उन्होंने कहा, सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता, लेकिन फिर भी कई जगहों पर वाहन रोककर वसूली की जाती है।
‘गौ रक्षा के नाम पर गुंडागर्दी’
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गौ रक्षा के नाम पर वाहनों को रोककर 10 से 20 हजार रुपये तक की वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में लोगों के साथ मारपीट भी की जाती है और वाहनों से जानवर उतार दिए जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि त्योहार के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है ताकि लोग बिना डर के अपने धार्मिक पर्व मना सकें।
क्या कहा था सीएम योगी ने?
दरअसल, बकरीद से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त बयान दिया था। उन्होंने कहा था, अगर नमाज पढ़नी है तो शिफ्ट में पढ़िए या अपने घर के अंदर पढ़िए। प्यार से मानेंगे तो ठीक, नहीं तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। सड़कें रोकने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे समुदाय विशेष को निशाना बनाने वाला बयान बता रहे हैं, जबकि भाजपा का कहना है कि यह कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधा से जुड़ा मामला है।

