द लोकतंत्र/ ऑटो न्यूज़ : Honda की नई Honda City Facelift फिर चर्चा में आ गई है। नई डिजाइन और एडवांस फीचर्स लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। दरअसल, कंपनी ने इस सेडान को ज्यादा प्रीमियम लुक दिया है। इसके अलावा कई नए टेक फीचर्स भी जोड़े गए हैं। हालांकि सबसे बड़ा सवाल अब वैरिएंट को लेकर उठ रहा है। कई ग्राहक समझ नहीं पा रहे कि कौन-सा मॉडल खरीदना सही रहेगा। नई Honda City Facelift में पेट्रोल और Hybrid दोनों विकल्प मिलते हैं। वहीं अलग-अलग वैरिएंट्स में फीचर्स और कीमत का बड़ा अंतर दिखता है।
Honda City Facelift का डिजाइन बना चर्चा का कारण
नई Honda City Facelift पहले से ज्यादा स्पोर्टी दिखती है। इसके अलावा इसमें नई LED लाइटिंग भी दी गई है। कार के फ्रंट डिजाइन को ज्यादा प्रीमियम बनाया गया है। वहीं नई ग्रिल इसे मॉडर्न लुक देती है। कंपनी ने इंटीरियर में भी कई बदलाव किए हैं। इसमें बड़ी टचस्क्रीन और नया डिजिटल डिस्प्ले मिलता है। इसके अलावा ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल भी दिया गया है। वहीं केबिन पहले से ज्यादा प्रीमियम महसूस होता है।
Honda City Facelift का मिड वैरिएंट क्यों खास?
ऑटो एक्सपर्ट्स मिड वैरिएंट को सबसे ज्यादा वैल्यू फॉर मनी मान रहे हैं। इस वैरिएंट में कई जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं। वहीं कीमत भी टॉप मॉडल से कम रहती है। मिड वैरिएंट में LED लाइट्स और बड़ी स्क्रीन मिलती है। इसके अलावा जरूरी सेफ्टी फीचर्स भी शामिल हैं। जो ग्राहक प्रीमियम फील चाहते हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प बन सकता है। वहीं बजट भी ज्यादा नहीं बढ़ता। हालांकि टॉप मॉडल ज्यादा टेक्नोलॉजी ऑफर करता है। उसमें ADAS और 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं।
Honda City Hybrid वैरिएंट कितना फायदेमंद?
नई Honda City Hybrid भी काफी लोकप्रिय हो रही है। कंपनी इसमें 27.2kmpl तक माइलेज का दावा करती है। दरअसल, बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बीच Hybrid मॉडल लंबी बचत दे सकता है। इसके अलावा ड्राइविंग भी ज्यादा स्मूद रहती है। Hybrid सिस्टम ट्रैफिक में ज्यादा फायदा देता है। वहीं इलेक्ट्रिक मोटर का सपोर्ट माइलेज बढ़ाता है। हालांकि इसकी शुरुआती कीमत ज्यादा हो सकती है। लेकिन ज्यादा ड्राइव करने वालों के लिए यह फायदेमंद साबित हो सकता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लंबी अवधि के लिए Hybrid मॉडल बेहतर विकल्प बन सकता है।
Honda City का बेस मॉडल किसके लिए सही?
बेस वैरिएंट उन ग्राहकों के लिए अच्छा माना जा रहा है, जो कम कीमत चाहते हैं। इस मॉडल में जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं। हालांकि इसमें कुछ प्रीमियम टेक्नोलॉजी नहीं मिलती। जो लोग सिर्फ भरोसेमंद सेडान चाहते हैं, उनके लिए यह विकल्प ठीक माना जा सकता है। वहीं पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों के बीच भी इसका आकर्षण बना हुआ है।
Honda City खरीदते समय क्या ध्यान रखें?
कार खरीदने से पहले अपनी जरूरत समझना जरूरी है। अगर हाईवे ड्राइव ज्यादा है, तो टॉप मॉडल बेहतर रहेगा। वहीं शहर में रोजाना इस्तेमाल के लिए मिड वैरिएंट ज्यादा समझदारी वाला विकल्प हो सकता है। अगर माइलेज प्राथमिकता है, तो Hybrid मॉडल सही साबित हो सकता है। हालांकि कम रनिंग वाले ग्राहकों के लिए पेट्रोल मॉडल भी अच्छा है। नई Honda City Facelift अब भारतीय प्रीमियम सेडान बाजार में मजबूत दावेदार बन चुकी है। इसके अलावा Hybrid विकल्प इसे और खास बनाते हैं।

