द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, उद्योगपति मुकेश अंबानी और लेखिका-सामाजिक कार्यकर्ता सुधा मूर्ति को एक निवेश योजना का समर्थन करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि केवल 22 हजार रुपये का निवेश कर कोई भी व्यक्ति हर महीने 30 लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है।
वीडियो के वायरल होने के बाद कई लोग इसकी सच्चाई जानने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इस वीडियो को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
AI की मदद से तैयार किया गया पीएम Narendra Modi की फर्जी वीडियो
PIB Fact Check के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इसमें दिखाई गई सामग्री आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार की गई है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को जिस निवेश प्लेटफॉर्म का प्रचार करते हुए दिखाया गया है, उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
एजेंसी ने कहा कि वीडियो में किए गए दावे भ्रामक हैं और लोगों को ठगने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। वायरल क्लिप में यह दावा किया गया है कि 22 हजार रुपये निवेश करने पर प्रतिदिन 1 लाख रुपये और महीने में 30 लाख रुपये तक का रिटर्न मिल सकता है। PIB ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई सरकारी निवेश कार्यक्रम या योजना मौजूद नहीं है। फैक्ट चेक एजेंसी ने यह भी बताया कि न तो प्रधानमंत्री, न ही वित्त मंत्री और न ही भारत सरकार ने किसी ऐसे निवेश मंच का समर्थन या प्रचार किया है।
पीएम Narendra Modi के नाम पर ऑनलाइन निवेश स्कैम से सावधान रहने की सलाह
PIB Fact Check ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले ऐसे लुभावने निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। एजेंसी के अनुसार साइबर अपराधी और ठग अब AI-जनरेटेड वीडियो, फर्जी विज्ञापन और मशहूर हस्तियों की नकली तस्वीरों का इस्तेमाल करके लोगों को निवेश के नाम पर धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई निवेश योजना बहुत कम समय में अत्यधिक लाभ का दावा करती है, तो उसकी सत्यता की जांच जरूर करनी चाहिए। किसी भी निवेश से पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी स्रोतों या विश्वसनीय वित्तीय सलाहकार से जानकारी लेना आवश्यक है। PIB ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, आधार विवरण या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान वेबसाइट या निवेश प्लेटफॉर्म के साथ साझा न करें। साथ ही यदि सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध वीडियो या पोस्ट दिखाई दे तो उसकी रिपोर्ट करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
डिजिटल युग में AI तकनीक का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में नागरिकों के लिए यह बेहद जरूरी हो गया है कि वे किसी भी वायरल वीडियो या निवेश संबंधी दावे पर आंख बंद करके भरोसा न करें और हमेशा आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करें। सतर्कता ही ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।



