द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार शाम महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव, समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
करीब 16 महीने बाद आमने-सामने हुई इस बैठक को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की, साथ ही द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत हैं और दोनों देश साझा हितों के कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका भारत के साथ अपने रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
G7 Summit 2026 में भारत-अमेरिका साझेदारी और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बातचीत में रक्षा सहयोग, व्यापारिक संबंध, निवेश, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषय प्रमुख रहे। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और अमेरिका की साझेदारी अंतरराष्ट्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता रणनीतिक सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से लेकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं तक कई क्षेत्रों में प्रभाव डाल सकता है। बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी पर भी चर्चा होने की संभावना जताई गई। जी-7 सम्मेलन के दौरान यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में व्यापार, वीजा नीति और अन्य मुद्दों को लेकर कई दौर की बातचीत हुई है। ऐसे में इस मुलाकात को रिश्तों को नई दिशा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
G7 Summit 2026 में भारतीय नाविकों की सुरक्षा और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया के विभिन्न समुद्री मार्गों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं और उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के प्रयासों का स्वागत करते हुए कहा कि क्षेत्र में तनाव कम होना वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार के लिए आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी भी शांति प्रक्रिया में समुद्री सुरक्षा और नाविकों के हितों को पर्याप्त महत्व दिया जाएगा।
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने भी समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जी-7 सम्मेलन के दौरान हुई यह बैठक केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को लेकर और महत्वपूर्ण घोषणाएं सामने आ सकती हैं।




