द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Chhattisgarh ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में नई मिसाल पेश की है। राज्य सरकार के अनुसार, पिछले लगभग ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक मकानों का निर्माण पूरा किया गया है। खास बात यह है कि एक ही वित्त वर्ष में सबसे अधिक ग्रामीण आवास बनाकर छत्तीसगढ़ ने देश के सभी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है।
इस उपलब्धि के अवसर पर रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के कई लाभार्थियों को उनके नए घरों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपीं। इसी कार्यक्रम में उन्होंने राज्य सरकार के ‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान की प्रगति रिपोर्ट का भी विमोचन किया। राज्य सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, दिसंबर 2023 में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी।
इसके बाद विभिन्न विभागों के समन्वय और तेज गति से हुए निर्माण कार्यों के परिणामस्वरूप राज्य में बड़ी संख्या में आवास तैयार किए गए। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना भी है।
Chhattisgarh: एक वित्त वर्ष में करीब 6 लाख घर, पहले 100 दिनों में 1.51 लाख आवास तैयार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 11 लाख से अधिक निर्मित आवासों में से करीब छह लाख मकान केवल पिछले वित्त वर्ष में पूरे किए गए। यह किसी भी राज्य द्वारा एक वित्तीय वर्ष के दौरान निर्मित सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवास बताए गए हैं। वहीं, चालू वित्त वर्ष में भी निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। सरकार के मुताबिक, 1 अप्रैल से 9 जुलाई के बीच पहले 100 दिनों में ही 1.51 लाख मकानों का निर्माण पूरा कर लिया गया। इसका अर्थ है कि इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवास तैयार किए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज गति से आवास निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे रोजगार सृजन और स्थानीय निर्माण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र सभी लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी आवास निर्माण की गति बनाए रखी जाएगी।
‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान से Chhattisgarh में जल संरक्षण को नई गति
आवास निर्माण के साथ-साथ राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट का विमोचन किया। यह अभियान 24 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
सरकारी से जुड़े सोर्सेज के अनुसार, इस अभियान के तहत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत के एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन मुख्य रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा राज्य सरकार की VB-G RAM G पहल के माध्यम से किया जा रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि ग्रामीण आवास और जल संरक्षण जैसे दोनों क्षेत्रों में समानांतर निवेश से गांवों में जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी, कृषि को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ पहुंचेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना में मिली यह उपलब्धि और जल संरक्षण अभियानों की प्रगति छत्तीसगढ़ सरकार की ग्रामीण विकास रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभाव का आकलन ग्रामीण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के संदर्भ में भी किया जाएगा।



