द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। संसद से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राहुल गांधी की ओर से शाम को मीडिया के सामने अपनी बात रखने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी दोबारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके आरोपों का जवाब दिया।
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के दावों को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता लगातार लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में जिन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, उन्हें राहुल गांधी के व्यवहार के कारण मीडिया के माध्यम से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि वह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से माफी नहीं मांगेंगे। इस पर पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी सार्वजनिक मंचों पर भले माफी न मांगें, लेकिन अदालतों में उन्हें कई बार माफी मांगनी पड़ी है। उन्होंने इसे राहुल गांधी के राजनीतिक आचरण का हिस्सा बताया।
‘फायरिंग नहीं हुई, Rahul Gandhi बयान बदल रहे हैं’
बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले छात्रों पर गोली चलने की बात कर रहे थे, लेकिन बाद में अपने बयान का स्वर बदल दिया। पात्रा ने कहा कि सरकार और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की गोलीबारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि गोली चलने का दावा किया जा रहा है, तो उसके समर्थन में कारतूस, बैलिस्टिक रिपोर्ट या अन्य ठोस साक्ष्य सामने रखे जाने चाहिए। उनके अनुसार, बिना प्रमाण के ऐसे आरोप लगाना जनता को गुमराह करने जैसा है।
संबित पात्रा ने यह भी कहा कि किसी भी भीड़ नियंत्रण की स्थिति में मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय मजिस्ट्रेट परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेते हैं। उनके मुताबिक, केवल इस आधार पर कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है, यह कहना उचित नहीं कि हर कार्रवाई का सीधा आदेश केंद्रीय गृह मंत्री देते हैं। राहुल गांधी के उस दावे पर भी पात्रा ने सवाल उठाया, जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि उन्होंने संसद में अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से लगातार फोन पर बात करते देखा। पात्रा ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है, तो राहुल गांधी स्पष्ट करें कि उन्होंने यह किस स्थान से देखा और किस अधिकारी से बातचीत होने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में सीसीटीवी व्यवस्था मौजूद है और यदि उनके दावे सही हैं तो उसके प्रमाण भी सामने आने चाहिए।
‘राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश’, बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित आंदोलन का समापन पहले ही हो चुका है और सरकार तथा प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद समाधान की दिशा में कदम बढ़ चुके हैं। ऐसे में अब कांग्रेस इस मुद्दे को दोबारा उछालकर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश कर रही है। बीजेपी सांसद ने कहा कि विपक्ष जनता के बीच भ्रम पैदा करने और आंदोलन का श्रेय लेने की राजनीति कर रहा है। उनके अनुसार, यदि किसी भी प्रकार की गलत जानकारी जानबूझकर फैलाई जाती है, तो उससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।
पात्रा ने राहुल गांधी से अपने बयानों पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पुष्ट तथ्यों के लगाए गए आरोप लोकतांत्रिक विमर्श को प्रभावित करते हैं और देश में अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं। वहीं, राहुल गांधी पहले ही अपने आरोपों पर कायम रहने की बात कह चुके हैं। ऐसे में छात्र आंदोलन, संसद में हुई बहस और पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।




