द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : NEET UG 2026 परीक्षा एक बार फिर विवादों में आ गई है। इस बार छह अभ्यर्थियों ने अपनी मार्कशीट और ओएमआर (OMR) शीट में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। छात्रों का दावा है कि उन्होंने परीक्षा के दौरान जिन उत्तरों को अपनी OMR शीट में भरा था, वे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से जारी स्कैन कॉपी से मेल नहीं खाते। उनका कहना है कि इस कथित त्रुटि का सीधा असर उनके प्राप्त अंकों और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की संभावनाओं पर पड़ सकता है।
यह मामला मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष उल्लेखित किया गया। छात्रों की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया कि काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले मामले की तत्काल सुनवाई की जाए, ताकि यदि कोई त्रुटि है तो उसे समय रहते सुधारा जा सके। अदालत ने पक्षों की दलील सुनने के बाद मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।
NEET छात्रों का दावा- OMR शीट और स्कैन कॉपी में नहीं मिल रहे उत्तर
याचिका दायर करने वाले छह छात्रों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा में लगभग 600 से 650 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने की उम्मीद के अनुरूप उत्तर दिए थे। लेकिन जब NTA ने OMR शीट की स्कैन कॉपी जारी की तो उसमें कई उत्तर अलग दिखाई दिए। छात्रों का आरोप है कि अपलोड की गई OMR शीट में दर्ज उत्तर वही नहीं हैं, जिन्हें उन्होंने परीक्षा केंद्र पर भरा था।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि यह त्रुटि ठीक नहीं की गई तो उनका अंतिम स्कोर प्रभावित होगा और उन्हें बेहतर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की संभावना कम हो सकती है। छात्रों ने यह भी कहा कि उन्होंने सबसे पहले इस मामले की शिकायत NTA से की थी। उन्होंने एजेंसी को ईमेल भेजे और कार्यालय जाकर भी अपनी बात रखी, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब या समाधान नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया।
सुनवाई के दौरान छात्रों के वकील ने अदालत को बताया कि NEET UG 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यदि मामले की जल्द सुनवाई नहीं हुई तो छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो सकता है। इस पर मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की।
पहले भी विवादों में रही NEET UG 2026 परीक्षा
NEET UG 2026 परीक्षा पहले से ही कई कानूनी विवादों का सामना कर रही है। परीक्षा का पहला चरण 3 मई 2026 को आयोजित किया गया था, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद NTA ने 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। हाल के दिनों में देश की विभिन्न अदालतों में भी NEET परिणामों को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई हैं। मुंबई हाई कोर्ट में एक अभ्यर्थी ने अपेक्षित और घोषित अंकों में अंतर का आरोप लगाया था, जबकि दिल्ली हाई कोर्ट में भी एक छात्र ने दावा किया कि NTA पोर्टल पर उसके स्कोर में कई बार बदलाव हुआ।
अब छह छात्रों की ओर से OMR शीट में कथित गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका ने इस परीक्षा से जुड़े विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छात्रों के आरोप सही साबित होते हैं तो इससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। यदि अदालत इस मामले में किसी प्रकार के निर्देश जारी करती है, तो उसका प्रभाव न केवल इन छह छात्रों बल्कि NEET UG 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली पर भी पड़ सकता है।




