द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने गुरुवार (6 अगस्त 2026) को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे और हरित ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने एक ओर बायोगैस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर Assam में लगभग 8,970 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे परियोजना को मंजूरी दी गई है। दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 32 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के कृषि अवशेषों और जैविक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। वहीं, असम में बनने वाला नया हाईवे पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन और रक्षा तैयारियों को नई मजबूती देगा।
Assam में बनेगा 135.87 किलोमीटर लंबा फोर-लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे
कैबिनेट की मंजूरी के तहत असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (NH-15) पर 135.871 किलोमीटर लंबे गुवाहाटी-तेजपुर फोर-लेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) टोल मॉडल पर विकसित किया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत 8,970.20 करोड़ रुपये होगी। सरकार के अनुसार यह परियोजना ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे स्थित मौजूदा एनएच-27 पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करेगी। इसके साथ ही गुवाहाटी और तेजपुर के बीच यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
इस परियोजना की एक विशेषता यह भी है कि तेजपुर बाईपास पर लगभग 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (Emergency Landing Facility) विकसित की जाएगी। इसे भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय स्थापित कर तैयार किया जाएगा, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में सैन्य विमानों का उपयोग भी संभव हो सके। इसके अलावा परियोजना के तहत बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारूपेटिया, देकियाजुली और तेजपुर सहित पांच प्रमुख बाईपास विकसित किए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई लगभग 58.7 किलोमीटर होगी। इससे घनी आबादी वाले इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है।
45 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और 210 किलोमीटर सर्विस रोड बनेगी
सरकार ने बताया कि यह परियोजना केवल हाईवे निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसे आधुनिक परिवहन सुविधाओं से भी लैस किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 19 फ्लाईओवर, 45 अंडरपास, 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड तथा एक विशेष एलीफेंट अंडरपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे वन्यजीवों की आवाजाही भी सुरक्षित रह सके। सरकार का दावा है कि इस हाईवे के बनने से वाहनों की औसत गति में लगभग 100 प्रतिशत तक वृद्धि होगी और गुवाहाटी-तेजपुर के बीच यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। इसके साथ ही ईंधन की खपत कम होगी, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और परिवहन लागत में भी कमी आएगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना से असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बायोगैस क्षेत्र में लिए गए फैसले का उद्देश्य कृषि अवशेषों और जैविक संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।




