द लोकतंत्र/ पटना : बिहार की राजनीति में अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व विधायक Gopal Mandal एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे बीजेपी की हार पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने पहले जवाब देने से बचने की कोशिश की, लेकिन बाद में मुस्कुराते हुए कहा, मत बुलवाइए… मत बुलवाइए… सम्राट चौधरी मरवा देंगे हमको।
गोपाल मंडल का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बाद उन्होंने चुनाव परिणाम, जंतर-मंतर आंदोलन और बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखी। उनके बयान ऐसे समय आए हैं, जब बांकीपुर सीट पर बीजेपी की हार को लेकर महागठबंधन और एनडीए के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
‘जंतर-मंतर आंदोलन और उम्मीदवार चयन का पड़ा असर’ – Gopal Mandal
गोपाल मंडल ने बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की हार की वजह बताते हुए कहा कि इस चुनाव पर हाल के छात्र आंदोलनों और राजनीतिक माहौल का असर साफ दिखाई दिया। उनके मुताबिक, जंतर-मंतर आंदोलन ने युवाओं और बुद्धिजीवी वर्ग के बीच सरकार के प्रति असंतोष पैदा किया, जिसका प्रभाव चुनाव परिणाम में भी देखने को मिला। उन्होंने कहा कि बांकीपुर हमेशा से पढ़े-लिखे और जागरूक मतदाताओं का क्षेत्र रहा है। ऐसे इलाके में उम्मीदवार चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है। गोपाल मंडल का कहना था कि इस बार बीजेपी ने ऐसा उम्मीदवार उतारा, जो स्थानीय मतदाताओं की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सका।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले चुनावों में मतदाता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और चेहरे को देखकर वोट करते थे, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग थीं। उनके अनुसार, नीतीश कुमार की प्रत्यक्ष भूमिका कम होने और स्थानीय समीकरणों के बदलने का असर भी चुनाव परिणाम पर पड़ा।
‘हमको किसी का डर नहीं’, Gopal Mandal के बयान से फिर बढ़ी सियासी हलचल
गोपाल मंडल ने बातचीत के दौरान अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि उन्हें किसी से डर नहीं लगता। उन्होंने कहा, हम फाइटर आदमी हैं… उखाड़ के फेंक देंगे। इसके साथ ही उन्होंने सरकार और राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कोई सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा, सरकार के विरोध में कोई बोलेगा तो मार दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका यह बयान किस विशेष संदर्भ में था। यही वजह है कि उनके इस बयान की अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं की जा रही हैं।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद बिहार की राजनीति में लगातार बयानबाजी जारी है। विपक्ष इसे जनता के मूड में बदलाव का संकेत बता रहा है, जबकि एनडीए के भीतर चुनावी रणनीति और उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन चल रहा है। ऐसे माहौल में गोपाल मंडल का बयान राजनीतिक तापमान को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जेडीयू और बीजेपी नेतृत्व गोपाल मंडल के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह बयान आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में किसी नए विवाद को जन्म देता है।




