द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ (Innovation Mahakumbh Bastar 2026) के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बस्तर में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जरूरत केवल सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर की है, और यह आयोजन युवाओं को वही मंच प्रदान कर रहा है। जगदलपुर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, स्टार्टअप्स और शिक्षाविद शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप पर काम कर रही है, जिसमें रोजगार, शिक्षा, स्टार्टअप और अधोसंरचना को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के विस्तार की घोषणा करते हुए बताया कि इसे ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ के रूप में 10 जिलों में लागू किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी।
स्टार्टअप नीति और युवाओं को मिल रहा नया मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को इनोवेशन हब बनाने के लक्ष्य के साथ ‘नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30’ लागू की गई है। इस नीति के तहत युवाओं को आइडिया से लेकर व्यवसाय विस्तार तक हर स्तर पर सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन जैसी सुविधाओं से राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी और बस्तर इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, विकसित छत्तीसगढ़ का मार्ग विकसित बस्तर से होकर गुजरता है।
बस्तर की संभावनाएं: पर्यटन, हस्तशिल्प और जैविक कृषि पर फोकस
सीएम साय ने बस्तर क्षेत्र की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां आदिवासी कला, लघु वनोपज, जैविक खेती, पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन क्षेत्रों को तकनीक, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स से जोड़कर वैश्विक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन के विकास से होमस्टे, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प और वनोपज की मांग बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कार्यक्रम के दौरान नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर केदार कश्यप, टंकराम वर्मा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया। इनोवेशन महाकुंभ 1.0 ने बस्तर के युवाओं को नई दिशा देने के साथ यह संकेत भी दिया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में बड़ी पहचान बना सकता है।

