द लोकतंत्र / मऊ / विवेक चौहान : उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित गाजीपुर तिराहा पर बड़ी संख्या में जुटे सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही।
घटना के दौरान कुछ समय के लिए गाजीपुर तिराहा पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कई सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी। राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन के इस घटनाक्रम ने जिले में सियासी माहौल को गर्मा दिया है। समाजवादी पार्टी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
Akhilesh Yadav की गिरफ्तारी के विरोध में पुतला दहन के प्रयास पर पुलिस ने रोका, प्रदर्शनकारियों से हुई धक्का-मुक्की
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सपा कार्यकर्ता गाजीपुर तिराहा पर एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाने का प्रयास किया। पुतला दहन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतला छीनने को लेकर काफी देर तक छीना-झपटी और धक्का-मुक्की होती रही। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहन तक ले जाने के दौरान बल प्रयोग भी किया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अलग दृष्टिकोण सामने आया है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।
सपा ने लगाया शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने का आरोप, पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि उनका विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है, जिसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस के अनुसार, जब प्रदर्शन की वजह से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने लगी और पुतला दहन की स्थिति बनी, तब आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। इसी क्रम में कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। मऊ में हुआ यह प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति में बढ़ती सक्रियता का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।




