द लोकतंत्र/ अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) की अहम बैठक में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है। ट्रस्ट की ओर से मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव को नया सदस्य बनाया गया है। लंबे समय से खाली चल रहे तीन पदों पर हुई इन नियुक्तियों के साथ ही ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव देखने को मिला है। इसी बैठक में ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को लेकर भी बड़ा फैसला होने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर ट्रस्ट के CEO पद के लिए सहमति बनी है। हालांकि, नियुक्ति की औपचारिक घोषणा ट्रस्ट की ओर से किए जाने के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि होगी। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 38 वर्षों तक सेवा दे चुके हैं और उनके लंबे प्रशासनिक व सैन्य अनुभव को देखते हुए इस पद के लिए उनका चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रस्ट में नए सदस्यों की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राम मंदिर से जुड़े चंदे, चढ़ावे और कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। बिहार कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
तीन रिक्त पदों पर मदन मोहन पांडेय समेत इन नामों की नियुक्ति
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन पद लंबे समय से रिक्त बताए जा रहे थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद खाली हुए थे। वहीं, ट्रस्ट सदस्य राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक अन्य पद भी रिक्त हो गया था।
अब इन तीनों पदों पर मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव की नियुक्ति की गई है। नए सदस्यों के आने के बाद ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है। इसी बैठक में ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के नाम पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम को मंजूरी मिली है। वायुसेना में 38 साल का अनुभव रखने वाले मिश्रा के सामने मंदिर के प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न व्यवस्थाओं के बेहतर समन्वय की जिम्मेदारी हो सकती है।
चंदे और कथित अनियमितताओं पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति के बीच बिहार कांग्रेस ने राम मंदिर के चंदे और कथित अनियमितताओं को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है। बुधवार (2 सितंबर 2026) को बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि राम नाम पर लोगों से मिले चंदे और आस्था से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। असित नाथ तिवारी ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि “राम मंदिर के चंदा चोरों और लुटेरों का क्या होगा?” कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर मिले चंदे से जुड़े सवालों के बावजूद संबंधित लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बीजेपी और ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। राम मंदिर ट्रस्ट में नए सदस्यों की नियुक्ति और पूर्णकालिक CEO की संभावित नियुक्ति के बीच अब ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज पर नजर रहेगी। खासतौर पर चंदे और कथित अनियमितताओं को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों के बीच पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा आने वाले समय में भी चर्चा में रह सकता है।



