द लोकतंत्र/ लखनऊ : अयोध्या के श्री Ram Mandir में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ संत समाज में भी चर्चा तेज है। इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के महंत आचार्य धर्मदास महाराज ने प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित कर दी। प्रेस वार्ता रद्द होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि कार्यक्रम किसी दबाव के कारण नहीं, बल्कि व्यस्तताओं के चलते आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में विस्तृत प्रेस वार्ता आयोजित कर मंदिर की व्यवस्था और सेवा समिति के विचार सार्वजनिक किए जाएंगे।
महंत धर्मदास महाराज के अनुसार, प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पूजा-पाठ और धार्मिक व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों को सामने रखना था। उनका कहना है कि मंदिर में परंपरागत व्यवस्था के अनुरूप साधु-संतों की भूमिका अधिक प्रभावी होनी चाहिए और प्रशासन को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
Ram Mandir व्यवस्था में साधु समाज की भूमिका बढ़नी चाहिए
आचार्य धर्मदास महाराज ने कहा कि उनकी प्राथमिक चिंता मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं को लेकर है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पहले पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियां संचालित होती थीं, उसी भावना और परंपरा को बनाए रखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि साधु समाज की भागीदारी बढ़ने से मंदिर की धार्मिक गरिमा और व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन को भी सुझाव दिए जा सकते हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो सेवा समिति की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मंदिर प्रबंधन और पूजा व्यवस्था से जुड़े अपने सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। महंत ने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और बेहतर व्यवस्था की दिशा में संवाद स्थापित करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित किए जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। उनके अनुसार, कुछ आवश्यक कार्यों के कारण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है और जल्द ही नई तारीख घोषित की जाएगी।
Ram Mandir चढ़ावा चोरी विवाद और राजनीतिक बयानबाजी पर भी दी प्रतिक्रिया
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य धर्मदास महाराज ने कहा कि जिसने भी श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है, उसके प्रति समाज में नाराजगी स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस विषय पर किसी विशेष व्यक्ति को लेकर टिप्पणी नहीं करना चाहते।
चंपत राय के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका इस विषय में कोई व्यक्तिगत मत नहीं है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई होगी तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक दलों की ओर से राम मंदिर मुद्दे पर हो रही बयानबाजी पर भी महंत धर्मदास महाराज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी असहमति जताई और कहा कि राम मंदिर जैसे आस्था के विषय पर राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर टिप्पणी करते हुए कई राजनीतिक बयान भी दिए, जिन्हें उन्होंने अपना व्यक्तिगत दृष्टिकोण बताया।
फिलहाल राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है। इस बीच संत समाज, मंदिर प्रशासन और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं के चलते यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेवा समिति की ओर से मंदिर व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर विस्तृत पक्ष सामने आने की संभावना है।



