द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : अयोध्या स्थित Ram Mandir में कथित चंदा चोरी का मामला अब राजनीतिक रूप से और अधिक गरमा गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) एवं लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के अध्यक्ष के. सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार (2 जुलाई 2026) को प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अपने पत्र में वेणुगोपाल ने कहा कि राम मंदिर में कथित चंदा चोरी की खबरों ने देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि करोड़ों लोगों ने भगवान श्रीराम की आस्था से प्रेरित होकर मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग दिया था। ऐसे में यदि दान राशि के प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। कांग्रेस नेता ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद गठित ट्रस्ट के माध्यम से किया गया था। उनके अनुसार, इस कारण मंदिर प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Ram Mandir मामले में कांग्रेस ने जांच प्रक्रिया और जवाबदेही पर उठाए सवाल
अपने पत्र में के. सी. वेणुगोपाल ने दावा किया कि कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पहले भी कई स्तरों पर संकेत और शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन उन पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि शुरुआती स्तर पर शिकायतों की गंभीरता से जांच होती, तो कथित अनियमितताओं को रोका जा सकता था।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि अब तक की जांच प्रक्रिया पर कई सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा जांच से पूरे मामले की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हुआ है। इसी आधार पर कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की निगरानी सीधे सर्वोच्च न्यायालय के अधीन कराई जाए, ताकि जांच प्रक्रिया पर किसी प्रकार का पक्षपात या प्रभाव न रहे। हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए ये आरोप राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।
‘आस्था और पारदर्शिता दोनों जरूरी’, Ram Mandir को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग पर बढ़ी सियासत
कांग्रेस ने अपने पत्र में कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और सार्वजनिक विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। पार्टी का कहना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच कराई जाए और यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
राम मंदिर से जुड़े इस कथित चंदा विवाद को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इससे पहले भी विभिन्न विपक्षी दल इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और मंदिर प्रबंधन से जवाब मांग चुके हैं। दूसरी ओर, मामले में जांच प्रक्रिया जारी है और संबंधित एजेंसियों द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार कांग्रेस की इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और जांच से जुड़े मामलों में आगे क्या निर्णय लिया जाता है। साथ ही, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया इस पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाएगी।




