द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Delhi Monsoon 2026 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष मानसून 2 जुलाई को दिल्ली पहुंचा, जबकि इसकी सामान्य आगमन तिथि 27 जून मानी जाती है। यानी इस बार मानसून करीब 5 दिन की देरी से राजधानी में पहुंचा। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह देरी असामान्य नहीं है, क्योंकि पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड में मानसून के आगमन की तिथि में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
मानसून के आगमन के साथ ही दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में मानसून का दिल्ली पहुंचने का समय हर साल अलग रहा है। रिकॉर्ड बताते हैं कि 2008 में मानसून सबसे जल्दी 15 जून को राजधानी पहुंच गया था, जबकि 2002 में सबसे अधिक देरी हुई थी और मानसून 19 जुलाई को दिल्ली पहुंचा था। ऐसे में इस वर्ष की पांच दिन की देरी सामान्य मौसमी बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है।
Delhi Monsoon 2026: तुगलकाबाद से छतरपुर तक हुई बारिश, गर्मी से मिली राहत
मानसून की पहली बारिश के दौरान दिल्ली के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, तुगलकाबाद में सबसे अधिक 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि छतरपुर में 18.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा सफदरजंग, लोधी रोड, मेहरौली, मयूर विहार, जनकपुरी समेत कई इलाकों में भी बारिश हुई।
हालांकि राजधानी के कुछ हिस्सों में बारिश अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के कारण पूरे शहर में मौसम सुहावना हो गया। लगातार कई दिनों से पड़ रही उमस और तेज गर्मी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की शुरुआती बारिश से वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं तापमान में गिरावट के साथ बिजली की मांग पर भी असर पड़ने की संभावना है।
Delhi Monsoon 2026: IMD का पूर्वानुमान, अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है बारिश
भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। विभाग के अनुसार मानसून ने उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लिया है और अब दिल्ली में भी इसकी आधिकारिक एंट्री हो चुकी है।
आईएमडी के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी तथा लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलती रहेगी। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि मानसून ने दमन और दीव सहित उत्तर अरब सागर के अधिकांश क्षेत्रों को पूरी तरह कवर कर लिया है। साथ ही मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष हिस्सों तक भी मानसून पहुंच चुका है।
दिल्ली में मानसून की दस्तक के साथ अब किसानों, जल संसाधनों और शहरी जलापूर्ति व्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। हालांकि लगातार बारिश की स्थिति में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को ताजा मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।




