द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की ओर से BJP और आरएसएस पर दलित विरोधी मानसिकता के आरोप लगाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और गुरु प्रकाश पासवान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के इतिहास और राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल खड़े किए।
गुरु प्रकाश पासवान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी को दलित समाज की याद केवल राजनीतिक मुद्दों के लिए आती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास दलितों के साथ भेदभाव से जुड़ा रहा है और राहुल गांधी को इस मुद्दे पर सवाल उठाने से पहले अपनी पार्टी के व्यवहार को देखना चाहिए। पासवान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता दलितों के मुद्दे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तो करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ ऐसी राजनीतिक ताकतों के साथ खड़े होते हैं, जिन पर बीजेपी समाज को बांटने का आरोप लगाती है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि खरगे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तो बन सकते हैं, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री जैसे पदों पर मौका नहीं दिया गया।
खरगे की तस्वीर और राहुल की चप्पल वाले वीडियो का किया जिक्र
बीजेपी नेता गुरु प्रकाश पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दो वीडियो और कुछ तस्वीरों का हवाला देते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इन तस्वीरों और वीडियो से कांग्रेस की कथित दलित विरोधी मानसिकता सामने आती है।
उन्होंने वायनाड में राहुल गांधी के नामांकन से जुड़ी एक तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बाहर खड़े नजर आ रहे थे, जबकि राहुल गांधी के परिवार के सदस्य अंदर मौजूद थे। पासवान ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस में दलित नेता का स्थान बाहर है? इसके बाद उन्होंने पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी से जुड़ी एक तस्वीर का भी जिक्र किया। पासवान के मुताबिक, तस्वीर में नारायणसामी राहुल गांधी की चप्पल उठाते हुए नजर आ रहे हैं। बीजेपी नेता ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति और नेताओं के बीच व्यवहार से जोड़ते हुए राहुल गांधी से सवाल किया।
पासवान ने हरियाणा की कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा के सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दलित सम्मान और अधिकारों पर बयान देने से पहले अपने संगठन के भीतर के व्यवहार पर जवाब देना चाहिए। बीजेपी प्रवक्ता ने बाबू जगजीवन राम और डॉ. भीमराव अंबेडकर समेत कई दलित नेताओं के साथ कांग्रेस के पुराने व्यवहार का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस दलित समाज के मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं।
बीजेपी ने राहुल गांधी के हालिया आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस को दलितों के हित और सम्मान की बात करने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास और संगठन के भीतर के व्यवहार का जवाब देना चाहिए। वहीं, राहुल गांधी की ओर से उठाए गए आरोपों और बीजेपी के पलटवार के बाद दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।




