Advertisement Carousel
National

PM Modi Meeting: 2047 के विकसित भारत विजन पर पीएम मोदी का फोकस, सभी मंत्रालय के सचिवों को दिए सख्त निर्देश

PM Modi's Meeting: PM Modi focuses on the 'Viksit Bharat' (Developed India) vision for 2047; issues strict instructions to secretaries of all ministries.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : PM Modi Meeting प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ करीब चार घंटे तक चली उच्चस्तरीय बैठक में शासन व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से आम नागरिकों तक पहुंचे और प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय के जरिए विकास की गति को और तेज किया जाए।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता केवल उसके निर्माण से नहीं, बल्कि उसके जमीनी स्तर पर दिखने वाले प्रभाव से तय होती है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि योजनाओं का सीधा और सकारात्मक असर आम लोगों के जीवन में दिखाई देना चाहिए। इसके लिए मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल, समयबद्ध निर्णय और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई गई।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को ‘पीएम गतिशक्ति’ (PM GatiShakti) राष्ट्रीय मास्टर प्लान का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी। उनका कहना था कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय मजबूत होगा, परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

PM Modi Meeting: ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य हासिल करने के लिए समयबद्ध काम पर जोर

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए अधिकारियों से कहा कि आने वाले वर्षों में प्रशासनिक सुधारों और प्रभावी नीति-कार्यान्वयन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने सचिवों को निर्देश दिया कि वे गवर्नेंस, पारदर्शिता और जनहित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगातार निगरानी रखें और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही की गुंजाइश न छोड़ें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल नई योजनाएं शुरू करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी दृष्टिकोण के तहत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने इस दिशा में चल रहे विभिन्न सुधारों और उनके प्रभावों की जानकारी प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक के दौरान अलग-अलग मंत्रालयों के सचिवों ने संरचनात्मक सुधारों और प्रशासनिक बदलावों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सरकार का मानना है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेश, उद्योग, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं में नई गति लाई जा सकती है।

PM Modi Meeting: ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ अभियान की भी हुई समीक्षा, परिणाम आधारित कार्यशैली पर दिया गया जोर

बैठक में हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ अभियान की प्रगति पर भी चर्चा हुई। रेलवे समेत कई मंत्रालयों में लागू इस पहल के तहत प्रत्येक सप्ताह एक महत्वपूर्ण सुधार लागू करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है, ताकि सुधारों का लाभ तय अवधि के भीतर जनता तक पहुंच सके। प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से कहा कि समय पर परिणाम देना सरकार की प्राथमिकता है और प्रत्येक मंत्रालय को तय लक्ष्यों के अनुरूप काम करना होगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार की कार्यसंस्कृति में नियमित समीक्षा, जवाबदेही और परिणाम आधारित प्रशासन महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ वर्षों से प्रशासनिक सुधारों को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करते रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी सरकार द्वारा लागू किए गए सुधारों ने व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाए हैं और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी तरीके से मिल रहा है।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को आने वाले वर्षों की प्रशासनिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार अब योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, तकनीक आधारित गवर्नेंस और समयबद्ध सुधारों के जरिए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को गति देने की दिशा में और अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने की तैयारी कर रही है।

यह भी पढ़ें – Tata Sierra EV Launch: भारत में लौटी सिएरा की दमदार वापसी, ₹18.79 लाख में मिलेगी हाईटेक इलेक्ट्रिक SUV

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं