द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों और सतत विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए सेशेल्स सरकार ने अपने प्रतिष्ठित ‘Guardian of the Blue Horizon’ सम्मान से नवाजा है। यह सेशेल्स का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान माना जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण, समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और जलवायु नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वैश्विक नेताओं को प्रदान किया जाता है।
सेशेल्स सरकार की ओर से जारी प्रशस्ति पत्र (Presidential Citation) में प्रधानमंत्री मोदी की उन पहलों की सराहना की गई है, जिनके माध्यम से उन्होंने जलवायु कार्रवाई (Climate Action), हरित विकास (Green Growth), ब्लू इकोनॉमी और वैश्विक पर्यावरण सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया है। साथ ही छोटे द्वीपीय देशों (Small Island Developing States) के हितों की वकालत और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में भारत की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित किया गया है।
पर्यावरण और ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को Guardian of the Blue Horizon सम्मान से मिली सराहना
‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की उस विकास नीति को वैश्विक मान्यता देता है, जिसमें आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व दिया गया है। सेशेल्स सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण नेतृत्व दिखाया है।
प्रशस्ति पत्र में भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया कि दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, पर्यावरण संरक्षण और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को लगातार मजबूत किया है। प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों ने इन क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी को नई गति देने का काम किया है।
Guardian of the Blue Horizon मिलने पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया, पहले भी मिल चुके कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ‘Guardian of the Blue Horizon’ सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है और वह इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों को समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रत्येक भारतीय की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और टिकाऊ विकास के वैश्विक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दुनिया के सभी देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ा है। इससे पहले उन्हें मई 2026 में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की ओर से Agricola Medal से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार खाद्य सुरक्षा, कृषि सुधार और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए दिया गया था।
इसके अलावा वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को Seoul Peace Prize और संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान Champions of the Earth Award भी मिल चुका है। इन सम्मानों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में भारत की भूमिका को लगातार पहचान मिलती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स का यह सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत नेतृत्व की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक पर्यावरण संरक्षण और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को भी मजबूत करता है।



