द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी की कार्यशैली और राजनीतिक परंपरा पर सवाल उठाए हैं।
संजय राउत ने कहा कि बीजेपी अपनी ‘परंपराओं’ को कभी नहीं छोड़ती और इसी वजह से उन्हें बधाई दी जानी चाहिए। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जिन शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कभी बीजेपी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अभियान चलाया था, आज वही पार्टी उन्हें पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बना रही है।
राउत ने शुक्रवार (8 मई 2026) को मीडिया से बातचीत में कहा कि शुभेंदु अधिकारी को कभी बीजेपी नेताओं और समर्थकों ने भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया था। उन्होंने दावा किया कि शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ रिश्वत लेने के वीडियो सोशल मीडिया और बीजेपी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर लंबे समय तक चलाए गए थे। उस समय बीजेपी उन्हें भ्रष्टाचार का बड़ा चेहरा बता रही थी, लेकिन अब वही नेता पार्टी के सबसे बड़े पदों में शामिल हो गए हैं।
ED कार्रवाई और बीजेपी में एंट्री पर उठाए सवाल
संजय राउत ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन बीजेपी में शामिल होने के बाद पूरा राजनीतिक माहौल बदल गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी की यह पुरानी परंपरा रही है कि जो नेता पहले भ्रष्ट बताए जाते हैं, वही बाद में पार्टी में शामिल होकर बड़े पदों पर पहुंच जाते हैं।
राउत ने कहा कि बीजेपी ने एक बार फिर अपनी ‘राजनीतिक परंपरा’ कायम रखी है। उनके बयान को पश्चिम बंगाल में नई बीजेपी सरकार पर विपक्ष के पहले बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और ज्यादा तेज हो सकते हैं।
तमिलनाडु की राजनीति और INDIA गठबंधन पर भी बोले राउत
संजय राउत ने इस दौरान तमिलनाडु की राजनीति और विपक्षी गठबंधन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति बेहद ‘चंचल’ है और वहां राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते रहते हैं। राउत ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से बातचीत कर NDA को रोकने के लिए विपक्षी एकजुटता पर चर्चा की है।
उन्होंने संकेत दिया कि विपक्षी दल धीरे-धीरे एक साझा रणनीति की ओर बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में INDIA गठबंधन को और मजबूत करने की कोशिश हो सकती है। राउत ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में क्षेत्रीय दलों की भूमिका लगातार बढ़ रही है और बीजेपी को चुनौती देने के लिए विपक्षी एकता जरूरी होगी। पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद अब विपक्ष लगातार नए राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहा है। वहीं बीजेपी इसे “जनादेश की जीत” और “बदलते बंगाल” की शुरुआत बता रही है।

