द लोकतंत्र/नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके पर अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने अमेरिका से फंडिंग मिलने का आरोप लगाया है। मिलबेन का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी अमेरिकी डोनर्स दीपके और उनकी पार्टी को आर्थिक मदद दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में किसी डोनर का नाम या ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा में है और पार्टी के दो नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
मैरी मिलबेन ने CJP की फंडिंग को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर भारतीय युवाओं के नाम संदेश जारी करते हुए अभिजीत दीपके और CJP की फंडिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ काम करने वाले अमेरिकी डोनर्स पार्टी को आर्थिक मदद दे रहे हैं। मिलबेन ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और चुनावी जीत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री देश के विकास के खिलाफ काम करने वाली ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ डोनर्स का एक खास पैटर्न है।
उनके मुताबिक, ऐसे लोग दुनिया भर में कंजर्वेटिव नेताओं को निशाना बनाते हैं, अमेरिका में पढ़े युवाओं को चुनते हैं, उन्हें कट्टर बनाते हैं और फिर अपने देश लौटकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए फंडिंग करते हैं। हालांकि, मिलबेन ने अपने बयान में किसी कथित डोनर की पहचान, फंडिंग की रकम या लेनदेन से जुड़ा कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं दिया। ऐसे में उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फंडिंग पर सवाल उठने के बाद अभिजीत दीपके ने क्या कहा था?
अभिजीत दीपके से मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी फंडिंग को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से मिलने वाली फंडिंग का जिक्र करते हुए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाया। दीपके ने कहा कि उनकी फंडिंग और चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों के बीच क्या संबंध है। उन्होंने सवाल किया कि फंडिंग से जुड़ा सवाल उठाने से क्या चुनाव प्रक्रिया ठीक हो जाएगी।
प्रदर्शन के आकार और उनकी आर्थिक क्षमता को लेकर पूछे गए सवालों पर भी दीपके ने जवाब दिया। उन्होंने अपने महंगे जूतों को लेकर चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपनी आर्थिक क्षमता बताने में कोई शर्म नहीं है। दीपके ने यह भी कहा कि जिस तरह वह अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में जा सकते हैं, उसी तरह भारत के विभिन्न राज्यों में भी यात्रा कर सकते हैं।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
अभिजीत दीपके पर फंडिंग को लेकर आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब CJP के प्रदर्शन और उसके नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए पार्टी के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। दोनों को तिहाड़ जेल भेजा गया। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये का मुचलका भरने के बाद रिहा कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका ने प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल पर अनधिकृत प्रवेश किया और शांति बनाए रखने के लिए पहले भरे गए बॉन्ड की शर्तों का कथित उल्लंघन किया। पुलिस ने उन्हें बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाला भी बताया है। दूसरी ओर, CJP का कहना है कि उसके नेताओं को तिरंगा फहराने और देशभक्ति के नारे लगाने के कारण निशाना बनाया गया। पार्टी ने इस कार्रवाई को शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।
अभिजीत दीपके ने सरकार पर लगाया अघोषित आपातकाल का आरोप
अपने नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार देश में आपातकाल लगाना चाहती है, तो इसकी आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। दीपके ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के बाद नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर सवाल उठाया और इसे अघोषित आपातकाल जैसा बताया।
CJP की ओर से दिल्ली में आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी गई है। पार्टी का कहना है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखेगी।
क्या है पूरा मामला?
CJP का आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच चल रहा है। इस दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और वहां लागू प्रतिबंधों को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ है। अब अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन के फंडिंग संबंधी आरोपों ने इस विवाद में एक नया पहलू जोड़ दिया है।
हालांकि, फिलहाल ये आरोप सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किसी स्वतंत्र प्रमाण से पुष्ट नहीं हुए हैं।ऐसे में फंडिंग को लेकर उठे सवालों पर आगे कोई दस्तावेजी जानकारी या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
यह भी पढ़े-




