द लोकतंत्र/ लुधियाना/ टिंकू भाटिया : लुधियाना के काराबारा इलाके में पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचकर एक निर्माणाधीन बिल्डिंग का काम रुकवा दिया। नगर निगम की कार्रवाई के बाद इलाके में जमीन से जुड़े विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शिकायतकर्ता हरजिंदर पाल सिंह का आरोप है कि काराबारा इलाके में उनकी करीब 600 गज पुश्तैनी जमीन है। उनके अनुसार, कुछ भू-माफिया से जुड़े लोग कथित तौर पर इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। इसी को लेकर उन्होंने पुलिस, नगर निगम कमिश्नर और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने जमीन की सुरक्षा और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत के बाद नगर निगम ने रुकवाया निर्माण
हरजिंदर पाल सिंह के मुताबिक, उनकी शिकायत पर नगर निगम की टीम शुक्रवार सुबह काराबारा इलाके में पहुंची। टीम ने मौके पर चल रहे बिल्डिंग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और निर्माण को रुकवा दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा है और इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की थी।
उन्होंने बताया कि नगर निगम की कार्रवाई से फिलहाल निर्माण कार्य बंद हो गया है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। नगर निगम की ओर से कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाए और यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पुलिस में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने का दावा
हरजिंदर पाल सिंह ने यह भी दावा किया कि इस मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस केस की धाराओं, आरोपियों की पहचान और मामले में अब तक हुई गिरफ्तारी को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इन आरोपों की पुष्टि जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान के आधार पर ही हो सकेगी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी पुश्तैनी जमीन को कथित कब्जे से बचाया जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल नगर निगम द्वारा निर्माण रुकवाए जाने के बाद इस मामले में आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।




