द लोकतंत्र/ रायपुर : जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी श्रमिकों की मौत के बाद राज्य में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे मानवता के खिलाफ कायराना हमला बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता और आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।
हमले में सक्ती जिले के निवासी दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी भूपेंद्र भैना की जान चली गई। दोनों रोज़गार की तलाश में जम्मू-कश्मीर गए थे और वहीं आतंकियों के हमले का शिकार हो गए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत श्रमिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये की सहायता, नोडल अधिकारी होगा नियुक्त – Vishnu Deo Sai
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ सरकार दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि शोकाकुल परिवारों को कठिन समय में संबल देने के उद्देश्य से दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार सक्रिय हो गई। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ तत्काल संपर्क स्थापित करने और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी करेगी, जो जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहकर मृतकों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। पार्थिव शरीर को उनके गृह जिले तक पहुंचाने से लेकर अन्य आवश्यक औपचारिकताओं तक हर स्तर पर राज्य सरकार सहयोग करेगी।
‘आतंकवाद के सामने देश नहीं झुकेगा’, मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने की कड़ी निंदा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म या मानवता नहीं होती। निर्दोष श्रमिकों की हत्या अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे कायराना हमलों से देश आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में सुरक्षा बल आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाए जाने की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद के खतरे को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में व्यापक अभियान चला रही हैं।




