द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इसमें बिजली उपभोक्ताओं, सरकारी कर्मचारियों, किसानों, कारोबारियों और प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट जारी रखने, सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज देने और पर्यटन विकास के लिए पांच साल में 500 करोड़ रुपये खर्च करने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी।
बिजली उपभोक्ताओं और सड़क ठेकेदारों को राहत
कैबिनेट ने राज्य में 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट की व्यवस्था जारी रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही एम-ऊर्जा योजना की पात्रता अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले डामर की बढ़ती कीमतों से प्रभावित ठेकेदारों को राहत देने के लिए 130.88 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। इस फैसले से संबंधित सड़क निर्माण कार्यों पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी कर्मचारियों और परिवारों को कैशलेस इलाज
राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है। इससे कर्मचारियों को इलाज के दौरान अपनी जेब से भुगतान करने की परेशानी कम हो सकती है। हालांकि, इस सुविधा के लागू होने की प्रक्रिया और पात्रता से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट होगी।
पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 और मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी है। पर्यटन विकास मिशन के तहत अगले पांच साल में 500 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य राज्य में पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देना और नए अवसर तैयार करना है।
रेल परियोजना और फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट को मंजूरी
प्रदेश में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए कटघोरा, तखतपुर, मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़ और डोंगरगढ़ से जुड़ी रेल परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा राजनांदगांव जिले के सोमनी में 400 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इससे फल उत्पादन, प्रसंस्करण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उद्योग और खेल क्षेत्र के लिए भी फैसले
कैबिनेट ने 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। वहीं, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी दी गई है। इस मिशन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
कूंरा का नाम होगा कुंवरगढ़, कृषि योजना में बदलाव
रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। किसानों से जुड़ी कृषक उन्नति योजना में बदलाव करते हुए धान पर प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के हिसाब से आदान सहायता देने का फैसला लिया गया है।
कैबिनेट के इन फैसलों में बिजली राहत, स्वास्थ्य सुविधा, कृषि, उद्योग, पर्यटन, रेल और खेल जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके लागू होने की प्रक्रिया, पात्रता और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।



