द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Amul Milk Price Hike देशभर में आम आदमी की रसोई पर एक बार फिर महंगाई का असर देखने को मिलने वाला है। रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल दूध अब और महंगा होने जा रहा है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनी Amul ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। नई दरें 14 मई से पूरे देश में लागू होंगी, जिसका सीधा असर करोड़ों उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ेगा।
डेयरी इंडस्ट्री से आई इस बड़ी खबर के बाद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है, क्योंकि दूध हर घर की जरूरी जरूरतों में शामिल है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लिए दूध दैनिक जीवन का अहम हिस्सा माना जाता है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे रसोई के खर्च पर दिखाई देगा।
अमूल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दूध की कीमतों में 1 रुपये से लेकर 3 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत और उत्पादन खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए यह महंगाई एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ के रूप में सामने आ रही है।
एक लीटर दूध पर बढ़े 2 रुपये, जानें नई कीमतें
नई कीमतों के अनुसार अब अमूल का एक लीटर दूध खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। अमूल ने कई लोकप्रिय दूध पैकेट्स की कीमतों में बदलाव किया है। अब Amul ताजा 500ml दूध का पैकेट 28 रुपये की जगह 29 रुपये में मिलेगा। वहीं 1 लीटर अमूल ताजा की कीमत 55 रुपये से बढ़ाकर 57 रुपये कर दी गई है।
इसके अलावा अमूल टी स्पेशल 1 लीटर दूध की कीमत 63 रुपये से बढ़कर 66 रुपये हो गई है। भैंस के दूध के 500ml पैकेट की कीमत 37 रुपये से बढ़ाकर 39 रुपये कर दी गई है। इसी तरह अमूल गोल्ड 500ml पैकेट की कीमत 34 रुपये से बढ़कर 35 रुपये हो गई है। अमूल शक्ति के 500ml पैकेट के लिए भी अब ग्राहकों को 1 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।
कंपनी की इस बढ़ोतरी का असर छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अन्य डेयरी कंपनियां भी कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।
महंगाई से बढ़ेगी आम आदमी की परेशानी
बीते कुछ समय में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने पहले ही लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित किया है। अब दूध के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। गृहिणियों के लिए यह बढ़ोतरी खास चिंता का विषय मानी जा रही है, क्योंकि दूध का इस्तेमाल चाय, बच्चों के पोषण, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में रोजाना होता है। ऐसी स्थिति में लोग इसकी खपत कम नहीं कर सकते।
डेयरी विशेषज्ञों का कहना है कि पशु आहार, ट्रांसपोर्टेशन और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के कारण डेयरी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से कंपनियां कीमतों में बदलाव करने को मजबूर हो रही हैं। हालांकि उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि सरकार और डेयरी कंपनियां भविष्य में राहत देने के लिए कुछ कदम उठा सकती हैं, ताकि बढ़ती महंगाई से लोगों को थोड़ी राहत मिल सके।

