द लोकतंत्र/ पटना : Bihar के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (5 अगस्त 2026) को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, खेल अधोसंरचना के विकास तथा पेयजल परियोजनाओं को गति देने से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य में सुशासन को और प्रभावी बनाना तथा आम लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है।
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त अनन्य विशेष न्यायालयों की स्थापना शामिल है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल क्षेत्र में भी कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
Bihar में 19 नए विशेष न्यायालय, केंद्रीय विद्यालय और मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी
राज्य सरकार ने पश्चिम चंपारण (बेतिया), मधुबनी, भोजपुर (आरा), सीवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर (भभुआ), कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद तथा लखीसराय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन न्यायालयों के संचालन के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालयों में अराजपत्रित श्रेणी के कुल 171 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिल सकेगा।
शिक्षा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी स्थित सरकारी भूमि को केंद्रीय विद्यालय संचालन के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को 30 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी है। लीज अवधि समाप्त होने के बाद इसके नवीनीकरण का भी प्रावधान रहेगा। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कैबिनेट ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत राज्य के 16 चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज भी शामिल हैं, के संचालन के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में पीडब्ल्यूसी (PwC) की नियुक्ति को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है।
हर घर तिरंगा अभियान, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और जलापूर्ति परियोजनाओं को भी हरी झंडी
कैबिनेट बैठक में ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के सफल आयोजन को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति और नागरिकों की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर (हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एवं इंजरी सेंटर) स्थापित करने की भी स्वीकृति दी गई। इस परियोजना के तहत सेंटर के संचालन, रखरखाव, विशेषज्ञ मानव संसाधन और आधुनिक खेल उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे बिहार के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके अलावा केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT 2.0) के तहत दो महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.22 करोड़ रुपये तथा मुंगेर जलापूर्ति परियोजना के लिए 177.72 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दोनों शहरों में स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
कैबिनेट के इन फैसलों को बिहार में न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।




