द लोकतंत्र/ पटना : Bihar में जमीन से जुड़े मामलों में अब गड़बड़ी करना आसान नहीं होगा। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, दाखिल-खारिज और भूमि मापी में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद सरकार ने आर्थिक अपराध इकाई का विशेष सेल बनाया है। Bihar के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने यह फैसला लिया है। विभागीय मंत्री Dilip Kumar Jaiswal के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है।
Bihar भूमि सुधार विभाग का बड़ा फैसला
राजस्व विभाग ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया है। हालांकि, यह कदम शिकायतें बढ़ने के बाद उठाया गया। इसके अलावा विभाग में अवैध वसूली और अनियमितता के आरोप भी लगातार सामने आ रहे थे। नई टीम में पुलिस उपाधीक्षक राकेश कुमार शामिल हैं। वहीं पुलिस निरीक्षक हरि ओझा भी टीम का हिस्सा बने हैं। इसके साथ पुलिस अवर निरीक्षक चतुर्वेदी सुधीर कुमार को भी जिम्मेदारी मिली है।
दाखिल-खारिज मामलों पर होगी सख्त निगरानी
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार पारदर्शी सेवाएं देना चाहती है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की बात कही। दरअसल, दाखिल-खारिज, भूमि मापी और परिमार्जन में लोगों को परेशानी हो रही थी। इसके अलावा भू-लगान और ऑनलाइन सेवाओं में भी अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। मंत्री ने कहा कि विशेष सेल विभागीय कार्यों की निगरानी मजबूत करेगा। वहीं दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी।
Bihar EOU विशेष सेल कैसे करेगा काम
आर्थिक अपराध इकाई की टीम संवेदनशील मामलों की निगरानी करेगी। इसके अलावा शिकायतों की जांच भी तेज होगी। दरअसल, सरकार अब तकनीक आधारित राजस्व व्यवस्था पर जोर दे रही है। इसलिए निगरानी सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। वहीं अधिकारियों को समयबद्ध काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि लोगों को जल्द राहत मिले।
हालांकि, बिहार में जमीन विवाद लंबे समय से बड़ी समस्या रहे हैं। कई मामलों में रिश्वत और देरी की शिकायतें आती रही हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में दाखिल-खारिज प्रक्रिया को लेकर लोगों को काफी परेशानी होती है। अब सरकार उम्मीद कर रही है कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी। वहीं आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।

