द लोकतंत्र/ लखनऊ : Cockroach Janata Party अब सोशल मीडिया से निकलकर राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गई है। इस पर लगातार नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इसी बीच Om Prakash Rajbhar ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि Akhilesh Yadav खुद मान चुके हैं कि वह चुनावी लड़ाई से बाहर हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े हैं। वहीं X पर इसका अकाउंट बैन हो चुका है।
Cockroach Janata Party पर राजभर की प्रतिक्रिया
एक मीडिया संस्थान से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यह युवाओं का रिएक्शन है। उन्होंने कहा कि इसमें सभी विचारधाराओं के युवा शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इसमें भाजपा, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और दूसरे दलों के युवा भी जुड़े हैं। हालांकि राजभर ने कहा कि इसका चुनावी असर ज्यादा नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसमें बड़ी संख्या कम उम्र के युवाओं की है।
अखिलेश यादव पर राजभर का निशाना
राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का “BJP vs CJP” बयान बहुत कुछ बताता है। वहीं उन्होंने दावा किया कि अखिलेश ने खुद मान लिया है कि वह यूपी चुनाव से बाहर हो चुके हैं। राजभर के मुताबिक इसका सीधा मतलब है कि समाजवादी पार्टी खुद को मुख्य मुकाबले में नहीं मान रही।
कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट क्यों चर्चा में
दरअसल, पिछले हफ्ते ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सामने आया था। इसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। हालांकि गुरुवार को इसका X अकाउंट बंद कर दिया गया। इसके तुरंत बाद “Cockroach Is Back” नाम से नया हैंडल बनाया गया। इस प्लेटफॉर्म के संस्थापक Abhijeet Deepke बताए जाते हैं।
इंस्टाग्राम पर BJP और कांग्रेस से आगे
कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके 17.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वहीं Bharatiya Janata Party के इंस्टाग्राम पर 8.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं। दूसरी तरफ Indian National Congress के 13.3 मिलियन फॉलोअर्स बताए गए हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर यह प्लेटफॉर्म युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है।
हालांकि शुरुआत में इसे व्यंग्यात्मक प्लेटफॉर्म माना गया था। लेकिन अब इस पर खुलकर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। वहीं कई लोग इसे युवाओं की नाराजगी बता रहे हैं। दूसरी तरफ कुछ लोग इसे डिजिटल राजनीति का नया प्रयोग मान रहे हैं।

