द लोकतंत्र/ मुंबई : देवेंद्र फडणवीस ने ईंधन संरक्षण और विदेशी मुद्रा बचत को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। बुधवार (13 मई) को मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दो उच्चस्तरीय बैठकों में कई महत्वपूर्ण फैसलों की समीक्षा की और तुरंत प्रभाव से नई गाइडलाइन लागू करने के निर्देश दिए। इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्चों में कटौती, संसाधनों का बेहतर उपयोग और जनता के बीच वित्तीय अनुशासन का मजबूत संदेश देना है।
मुख्यमंत्री फडणवीस का यह कदम नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन और विदेशी मुद्रा की बचत करने की अपील के बाद सामने आया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में कई बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है। सबसे अहम निर्णय मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या को तत्काल प्रभाव से आधा करना है। सरकार ने साफ किया है कि बाहरी दौरों के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक वाहन काफिले में शामिल नहीं किए जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस आयुक्त या पुलिस अधीक्षक की होगी।
विदेश यात्राओं और सरकारी खर्चों पर सख्ती
राज्य सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों के सभी गैर-जरूरी विदेश दौरों पर रोक लगाने का फैसला किया है। साथ ही यह निर्देश भी जारी किया गया है कि मंत्री अत्यावश्यक परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी विमान और हेलिकॉप्टर का उपयोग न करें। उनकी जगह नियमित विमान सेवाओं का इस्तेमाल करने को प्राथमिकता दी जाए।
सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रियों और अधिकारियों से मेट्रो तथा अन्य सार्वजनिक साधनों का उपयोग करने की अपील की है। शुरुआती चरण में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा बैठकों के लिए अधिकारियों को बार-बार बुलाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा और ईंधन खर्च को कम किया जा सके।
सरकार ने यह भी कहा है कि सरकारी वाहनों के वितरण और उपयोग की सख्ती से समीक्षा की जाएगी। ऊर्जा संरक्षण के लिए अनावश्यक होर्डिंग्स, फ्लेक्स और सजावटी लाइटिंग पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मंत्री शंभूराज देसाई ने रद्द किया विदेश दौरा
मुख्यमंत्री के आदेश का असर तुरंत देखने को मिला। शंभूराज देसाई ने लंदन और पेरिस की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी। जानकारी के मुताबिक यह यात्रा तीन महीने पहले निजी पारिवारिक अवकाश के तौर पर तय की गई थी, लेकिन ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने की भावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने दौरा स्थगित करने का फैसला लिया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक कार्यों और अंतरराष्ट्रीय बैठकों को अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरा किया जाएगा, ताकि शासन-प्रशासन के कामकाज पर कोई असर न पड़े। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र सरकार का यह कदम देशभर में संसाधन संरक्षण और सरकारी सादगी को लेकर नई मिसाल पेश कर सकता है।

