द लोकतंत्र/ ऑटो : Toyota Starlet Crash Test आज के समय में कार खरीदते वक्त ग्राहक सिर्फ माइलेज, डिजाइन और फीचर्स ही नहीं देखते, बल्कि सेफ्टी रेटिंग भी सबसे अहम फैक्टर बन चुकी है। ऐसे में अगर किसी लोकप्रिय कार को क्रैश टेस्ट में खराब रेटिंग मिल जाए तो यह सीधे ग्राहकों के भरोसे को प्रभावित करता है। हाल ही में Toyota की एक कार ने सेफ्टी टेस्ट में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Toyota Starlet को ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में एडल्ट सेफ्टी के लिए 0-स्टार रेटिंग मिली है। खास बात यह है कि यह कार भारत में काफी लोकप्रिय Maruti Suzuki Baleno और Toyota Glanza का रीबैज्ड वर्जन मानी जाती है। इस मॉडल को भारत में तैयार कर साउथ अफ्रीका के बाजार में Toyota Starlet नाम से एक्सपोर्ट किया जाता है।
क्रैश टेस्ट रिपोर्ट में बताया गया कि फ्रंटल टक्कर के दौरान ड्राइवर और आगे बैठे यात्री को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल सकी। कार की बॉडी शेल को अस्थिर पाया गया, जिसका मतलब है कि तेज टक्कर में वाहन का स्ट्रक्चर यात्रियों को पूरी सुरक्षा देने में सक्षम नहीं माना गया। इसके अलावा साइड इम्पैक्ट टेस्ट में भी कार का प्रदर्शन कमजोर रहा।
केवल दो एयरबैग से नहीं बनी बात
ग्लोबल NCAP की रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ट किए गए मॉडल में केवल दो एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) जैसे बेसिक सेफ्टी फीचर्स दिए गए थे। हालांकि ये फीचर्स मौजूद थे, लेकिन गंभीर दुर्घटना की स्थिति में यह सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त साबित नहीं हुए।
बच्चों की सुरक्षा के मामले में कार का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहा और इसे चाइल्ड सेफ्टी के लिए 3-स्टार रेटिंग मिली। फिर भी टेस्ट के दौरान तीन साल के बच्चे की डमी का सिर कार के अंदरूनी हिस्सों से टकरा गया, जिससे यह साफ हुआ कि चाइल्ड प्रोटेक्शन में अभी सुधार की जरूरत है।
ग्लोबल NCAP ने यह भी जानकारी दी कि टेस्टिंग के दौरान Toyota ने बताया कि साउथ अफ्रीका में बिकने वाले अपडेटेड मॉडल में अतिरिक्त सेफ्टी फीचर्स जोड़े जा रहे हैं। इनमें साइड और कर्टेन एयरबैग जैसे फीचर्स शामिल होंगे। संगठन ने कहा है कि नए मॉडल का भी जल्द क्रैश टेस्ट किया जाएगा ताकि ग्राहकों को वास्तविक तुलना मिल सके।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, Baleno की रेटिंग पर भी चर्चा
Toyota Starlet की 0-स्टार रेटिंग सामने आने के बाद सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल कम्युनिटी में बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि एक ही प्लेटफॉर्म पर बनी कारों की अलग-अलग देशों में सेफ्टी रेटिंग अलग क्यों होती है।
रेडिट और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर कुछ लोगों का कहना है कि हर देश के क्रैश टेस्ट नियम और सेफ्टी पैरामीटर अलग होते हैं, इसलिए परिणामों में अंतर दिखाई देता है। वहीं कई यूजर्स ने ऑटो कंपनियों से मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर और ज्यादा एडवांस सेफ्टी फीचर्स देने की मांग की है।
दिलचस्प बात यह है कि भारत में नई जनरेशन Maruti Suzuki Baleno को भारत NCAP में 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है। ऐसे में अब ग्राहकों के बीच यह चर्चा और तेज हो गई है कि अलग-अलग बाजारों के लिए बनाई गई कारों की सुरक्षा में कितना अंतर हो सकता है।

