द लोकतंत्र/ लखनऊ : प्रतीक यादव का गुरुवार सुबह लखनऊ के भैसाकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। महज 38 वर्ष की उम्र में उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में गहरा शोक फैल गया है। प्रतीक यादव के ससुर और अपर्णा यादव के पिता अरविंद सिंह बिष्ट ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान यादव परिवार के कई सदस्य और विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इस दौरान अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव और आदित्य यादव सहित परिवार के करीबी लोग श्मशान घाट पहुंचे और भावुक माहौल में अंतिम विदाई दी। बुधवार, 13 मई की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद प्रतीक यादव का निधन हो गया था। उनके असमय निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
बीजेपी, सपा और अन्य दलों के नेताओं ने जताया दुख
प्रतीक यादव के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह बेहद दुखद क्षण है और इतनी कम उम्र में उनका जाना पूरे समाज के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। वहीं उनकी पत्नी नम्रता पाठक ने कहा कि प्रतीक यादव परिवार और बच्चों के प्रति बेहद समर्पित थे और जीवन में कुछ बड़ा करने की सोच रखते थे।
ओम प्रकाश राजभर ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। बेबीरानी मौर्य ने कहा कि प्रतीक यादव बेहद सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के व्यक्ति थे। उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी और वे सभी से आत्मीयता के साथ मिलते थे। पूर्व सांसद कौशल किशोर ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं बीजेपी प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि यह यादव परिवार के लिए बेहद कठिन समय है और पार्टी पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है।
सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक का माहौल
समाजवादी पार्टी के नेता दीपक मिश्रा ने कहा कि इतनी कम उम्र में किसी व्यक्ति का इस तरह दुनिया छोड़ जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव नेक और विनम्र स्वभाव के इंसान थे। समाजसेवी मुकेश बहादुर सिंह ने भी इसे समाज के लिए बड़ी क्षति बताया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के गोपाल राय ने कहा कि एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार के सदस्य का इतनी कम उम्र में निधन होना अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि यह केवल यादव परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए भावुक करने वाला क्षण है। प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक गलियारों में लगातार शोक संदेशों का सिलसिला जारी है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

