द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नई दिल्ली में सोमवार (8 जून) को आयोजित INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में विपक्षी एकता और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जानकारी दी कि इसमें 25 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने 2029 लोकसभा चुनाव, संगठनात्मक मजबूती, युवाओं से जुड़ाव और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं से जुड़े मुद्दों को विपक्षी राजनीति के केंद्र में रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक माहौल में युवाओं की अपेक्षाओं और चिंताओं को समझना जरूरी है। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों से आत्ममंथन करने और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए अभी से ठोस रणनीति तैयार करने का सुझाव दिया। उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि कांग्रेस गठबंधन की एक महत्वपूर्ण कड़ी है और वह विभिन्न दलों को साथ लेकर चलने की क्षमता रखती है।
INDIA की बैठक में सोशल मीडिया और जनसंपर्क को मजबूत करने पर जोर
बैठक में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी अपने विचार रखे। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने विपक्षी दलों को सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति और प्रभाव बढ़ाने की सलाह दी। उनका मानना था कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म जनमत निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं और विपक्ष को इस क्षेत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
बैठक के दौरान विभिन्न नेताओं ने युवाओं, बेरोजगारी, महंगाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। गठबंधन के नेताओं का मानना है कि जनता से जुड़े इन विषयों को प्रभावी ढंग से उठाकर विपक्ष अपनी राजनीतिक पहुंच को और मजबूत कर सकता है।
DMK, TMC और INDIA गठबंधन की एकजुटता पर भी हुई चर्चा
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी सैयद नासिर हुसैन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डीएमके INDIA गठबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और कुछ राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उसके गठबंधन में बने रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि चुनावी समझौतों और क्षेत्रीय परिस्थितियों को लेकर समय-समय पर सहयोगी दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इससे गठबंधन की मूल भावना प्रभावित नहीं होती।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई और INDIA गठबंधन को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया गया। तृणमूल कांग्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर कभी-कभी चुनौतियां सामने आती हैं, लेकिन टीएमसी लगातार गठबंधन बैठकों में शामिल होती रही है और आगे भी विपक्षी एकता का हिस्सा बनी रहेगी।
बैठक को विपक्षी दलों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच माना जा रहा है, जहां आगामी चुनावों की रणनीति, संगठनात्मक समन्वय और साझा मुद्दों पर आगे की दिशा तय करने की कोशिश की गई।

