द लोकतंत्र/ पटना : बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर सियासी चर्चा तेज होती दिखाई दे रही है। एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा सार्वजनिक तौर पर जाहिर की है। शुक्रवार (4 सितंबर 2026) को पटना में पार्टी के कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय महासचिव राजू तिवारी और बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक के बयानों ने राज्य की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजू तिवारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी चिराग पासवान के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी अपनी सरकार बनाने का संकल्प लेती है और चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने का जो संकल्प पहले से लिया गया है, उसे पूरा किया जाएगा। एलजेपी रामविलास के नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री पद को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में एनडीए की सरकार है और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के पद पर हैं। ऐसे में सहयोगी दल के नेताओं की ओर से चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की बात किए जाने से एनडीए के भीतर सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजू तिवारी के बाद सुरेंद्र विवेक ने भी किया बड़ा दावा
राजू तिवारी के अलावा एलजेपी रामविलास के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने भी चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 2029 या 2030 में जब भी बिहार में चुनाव होगा और अगर उनकी पार्टी राज्य में नंबर एक पार्टी बनती है, तो स्वाभाविक रूप से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान मुख्यमंत्री होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और बढ़ा दिया है। हालांकि, यह बयान पार्टी नेताओं की ओर से व्यक्त की गई राजनीतिक इच्छा और भविष्य को लेकर दावा है। बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला चुनावी परिणाम और गठबंधन के राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेगा। एलजेपी रामविलास के नेताओं के इन बयानों के बाद अब नजर बीजेपी की प्रतिक्रिया पर है। चूंकि पार्टी फिलहाल एनडीए का हिस्सा है, इसलिए सहयोगी दल के नेताओं द्वारा भविष्य में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लेने से गठबंधन के भीतर सत्ता के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।
पटना में हुआ पार्टी का कार्यक्रम, चिराग पासवान ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित
दरअसल, शुक्रवार को पटना स्थित एलजेपी रामविलास के प्रदेश कार्यालय में स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में नवनियुक्त बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक और बिहार से आने वाले पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी मौजूद रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प दोहराया गया।
बिहार में लंबे समय तक नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहने के बाद अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार चल रही है। ऐसे में एलजेपी रामविलास की ओर से मुख्यमंत्री पद को लेकर सामने आए इन बयानों ने भविष्य की राजनीति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बीजेपी और एनडीए के अन्य घटक दल इन बयानों पर क्या रुख अपनाते हैं। लेकिन अगर एलजेपी रामविलास अपने इस दावे को आगे भी राजनीतिक एजेंडे के तौर पर मजबूती से रखती है, तो आने वाले समय में एनडीए के भीतर मुख्यमंत्री पद और नेतृत्व को लेकर सियासी बहस तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।




