द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Operation Sindoor को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सैन्य अभियान को लेकर झूठ फैलाया और देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को भारतीय सशस्त्र बलों, शहीद जवानों और पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि कई महीनों तक ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भ्रामक प्रचार किया गया। उनके अनुसार, विपक्ष ने रक्षा मंत्री के संसद में दिए गए बयान को संदर्भ से अलग प्रस्तुत कर यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार सैनिकों के बलिदान को स्वीकार नहीं कर रही है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज होने का हवाला देते हुए सरकार से सवाल पूछे। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए विपक्ष पर सैन्य अभियान का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
Operation Sindoor पर सियासी घमासान: रक्षा मंत्री के बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
इस पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उन्होंने संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भाषण का एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी संसद से साझा नहीं की गई। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए जवानों के संबंध में सरकार ने पूरी तस्वीर सामने नहीं रखी।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित मालवीय ने कहा कि रक्षा मंत्री के बयान को जानबूझकर उसके मूल संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया गया। उनके अनुसार, राजनाथ सिंह का बयान उन अफवाहों का जवाब था, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अभियान के दौरान भारत ने अपने लड़ाकू विमान या पायलट खो दिए थे। मालवीय ने कहा कि विपक्ष ने एक पंक्ति को अलग करके राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश की, जबकि पूरे बयान का उद्देश्य भारत विरोधी दुष्प्रचार का खंडन करना था।
‘Operation Sindoor के शहीदों का सम्मान किया, राजनीति नहीं’ – अमित मालवीय
भाजपा नेता ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर एक सफल सैन्य अभियान था, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकियों और पाकिस्तान समर्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने अभियान के दौरान उच्च स्तर की रणनीतिक क्षमता और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया।
अमित मालवीय ने यह भी कहा कि सरकार ने अभियान में शहीद हुए सभी जवानों को पूरा सम्मान दिया है। उनके अनुसार, शहीद सैनिकों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए गए हैं और उनके परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जहां सरकार शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों के सहयोग के लिए काम कर रही है, वहीं विपक्ष ने इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक बहस का माध्यम बनाया। मालवीय ने कहा कि इतिहास यह तय करेगा कि संकट की घड़ी में कौन भारतीय सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा रहा और किसने सैन्य अभियान पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, क्योंकि दोनों दल अपने-अपने दावों और आरोपों के साथ लगातार एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।




